भोपाल एम्स हाउसकीपिंग स्टाफ के लिए अच्छी खबर, अब नहीं जाएगी नौकरी, मान ली गई सभी मांगें
एम्स के बाहर प्रदर्शन करते हाउसकीपिंग कर्मचारी, भोपाल
भोपाल एम्स (AIIMS Bhopal) में आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा अचानक नौकरी से हटाए गए 260 हाउसकीपिंग और वार्ड बॉय कर्मचारियों की मांगें आखिरकार मान ली गई हैं. कर्मचारियों के भारी विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बाद प्रशासन ने उनकी रोजगार बहाली का फैसला लिया है, जिसके बाद कर्मचारियों का धरना समाप्त हो गया है. अचानक नौकरी से निकाले गए सभी कर्मचारियों को वापस काम पर रखने का फैसला किया गया है. प्रबंधन की साफ कर दिया गया है कि किसी को भी नौकरी से नहीं निकाला जाएगा.
आउटसोर्स कंपनी ने जारी किया लेटर
इस संबंध में आउटसोर्स कंपनी एमजे सोलंकी ने एक लेटर भी जारी किया है. कंपनी द्वारा जारी इस लेटर में लिखा है. ‘संबंधित कार्यालय के माध्यम से M/s M.J Solanki द्वारा भोपाल एम्स में कार्यरत कुछ कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं कार्यमुक्ति के संबंध में आदेश जारी किया गया था. प्रशासनिक कारणों से उक्त कार्यालय आदेश क्रमांक MIS/AIIMS/2026-27/163 दिनांक 30-09-2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है.’
इस आदेश का करें पालन
इस लेटर में आगे लिखा कि आदेश के अंतर्गत किए गए सभी स्थानांतरण एवं कार्यमुक्ति संबंधी निर्देश तत्काल प्रभाव से प्रभावहीन माने जाएंगे. संबंधित सभी कर्मचारी अपने वर्तमान पदस्थापना स्थल एवं पू्र्व निर्धारित शिफ्ट के अनुसार ही ड्यूटी पर उपस्थित होकर काम करेंगे. सभी कर्मचारियों को सूचित किया जाता है कि उक्त आदेश के स्थान पर इस कार्यालय आदेश का पालन करें.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एम्स भोपाल में बुधवार देर रात आउटसोर्स एजेंसी ने हाउसकीपिंग और वार्ड ब्वाय समेत करीब 260 कर्मचारियों को काम से हटा दिया. रात करीब नौ बजे कर्मचारियों की सूची जारी होने के बाद प्रभावित कर्मचारी विरोध जताने के लिए एम्स के बाहर पहुंच गए और नौकरी से न हटाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे. बता दें कि एम्स में आउटसोर्स के तहत करीब 800 कर्मचारी विभिन्न कार्यों में सेवाएं दे रहे हैं.
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