Bhopal AIIMS

AIIMS Bhopal (File Photo)

भोपाल AIIMS की बड़ी उपलब्धि, एडी साइंटिफिक इंडेक्स वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में दूसरा स्थान

एडी साइंटिफिक इंडेक्स में एम्स भोपाल के 183 वैज्ञानिक शामिल हैं. इनमें 2 वैज्ञानिक शीर्ष 10 प्रतिशत, 31 शीर्ष 30 प्रतिशत, 66 शीर्ष 50 प्रतिशत और 139 शीर्ष 70 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में हैं.

Rats were seen inside the NICU of Bhopal AIIMS.

इंदौर के बाद अब भोपाल AIIMS के NICU में दिखे चूहे, एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से हुई थी दो नवजातों की मौत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नवजात के वार्ड में चूहों की मौजूदगी भी बड़ा खतरा है. चूहें नहीं भी काटें तो भी उनके रहने से बड़ा खतरा रहता है. चूहों का शरीर मल-मूत्र और उनकी लार से बच्चों में संक्रमण फैलना का बड़ा खतरा रहता है.

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AIIMS भोपाल में CME का आयोजन, अंगदान के प्रति जागरुकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर होगी विशेष चर्चा

AIIMS Bhopal: एम्स भोपाल ने इस आयोजन के लिए सभी को आमंत्रित किया है ताकि इस आय़ोजन को सफल बनाया जा सके.

A young man ran away after pulling a woman's chain in the lift at Bhopal AIIMS.

MP News: भोपाल AIIMS की लिफ्ट में चेन स्नेचिंग, मंगलसूत्र लेकर भागा आरोपी, 10 मिनट रोती रही महिला

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा. हालांकि महिला के साथ इस तरह चेन स्नेचिंग की घटना के बाद एक बार फिर भोपाल एम्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.

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भोपाल AIIMS को मिलेंगी गामा नाइफ और पेट स्कैन जैसी हाईटेक सुविधाएं, कैंसर और ट्यूमर जैसी बीमारियों के लिए नहीं जाना होगा दिल्ली-मुंबई

नए साल 2026 के लिए भोपाल एम्स ने रोडमैप तैयार किया है. इसके तहत मरीजों के बेहतर इलाज के लिए एम्स में हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी.

Bhopal AIIMS doctors misbehaved with police while drunk

भोपाल एम्‍स के डॉक्‍टरों ने नशे में की थी पुलिस से अभद्रता, वीडियो वायरल होने पर जूनियर रेज़िडेंट को हटाया

Bhopal News: पुलिसकर्मी के समझाने पर भी डॉक्टरों ने अभद्र व्यवहार जारी रखा. डॉक्टरों की नशे में इन हरकतों का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया.

Symbolic picture (AI Generated)

नेचुरल लाइट में कम समय बिताने से आंखें हो रहीं कमजोर, AIIMS में 6 हजार बच्चों पर हुई स्टडी

सूर्य और चांद की रोशनी के नीचे कम समय बिताने के कारण बच्चों को मायोपिया बीमारी हो रही है. ये बात भापोल AIIMS की एक स्टडी में सामने आई है. मायोपिया को निकट दृष्टि दोष को कहा जाता है. AIIMS के डॉक्टर्स ने 6 हजार बच्चों पर स्टडी की थी.

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