Bhopal: PCCF वाइल्डलाइफ और डिप्टी सीएम के बीच हुई बैठक, मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी बनेगी विश्वस्तरीय संरक्षण

Bhopal: मध्य प्रदेश सरकार मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को विश्वस्तरीय वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने जा रही है.
PCCF Wildlife and Deputy CM Meeting

PCCF वाइल्डलाइफ और डिप्टी सीएम के बीच बैठक

Bhopal: मध्य प्रदेश सरकार मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को विश्वस्तरीय वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने जा रही है. उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोमवार को मंत्रालय में सफारी के उन्नयन और विस्तार कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मास्टर प्लान के अनुरूप सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए. मंत्रालय में पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ डॉक्टर समिता राजौरा मौजूद रही.

जन-जागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका

समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी प्रदेश की विशिष्ट पहचान है. इसका विस्तार केवल पर्यटन को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, अनुसंधान और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने अधिकारियों से इसे राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट वन्यजीव संरक्षण एवं इको-टूरिज्म केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से कार्य करने को कहा.

बैठक में मास्टर प्लान की समीक्षा

बैठक में वर्ष 2026-27 से 2045-46 तक की अवधि के लिए तैयार मास्टर प्लान की समीक्षा की गई. केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार इस योजना में वर्तमान 121.99 हेक्टेयर क्षेत्र के साथ 119.87 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि जोड़कर सफारी का कुल क्षेत्रफल 241.86 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव रखा गया है.

इंटरएक्टिव एजुकेशन सेंटर की स्थापना

प्रस्तावित विकास कार्यों में आधुनिक एवं प्राकृतिक वातावरण वाले पशु बाड़ों का निर्माण, संरक्षण प्रजनन (कंजर्वेशन ब्रीडिंग) केंद्र, वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर, पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं तथा प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण पर आधारित इंटरएक्टिव एजुकेशन सेंटर की स्थापना शामिल है.

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान के प्रत्येक चरण का क्रियान्वयन सीजेडए के मानकों के अनुरूप किया जाए. साथ ही पशु कल्याण, प्राकृतिक आवास आधारित डिज़ाइन, पर्यावरणीय स्थिरता और प्रभावी विज़िटर मैनेजमेंट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) समीता राजौरा सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.

ये भी पढे़ं- हॉकी वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान, मध्य प्रदेश के विवेक सागर प्रसाद को मिली जगह

ज़रूर पढ़ें