‘निकलो वरना…’, Bhopal Metro के अंडरग्राउंड रूट पर बवाल, कांग्रेस MLA बोले – ये शाही कब्रिस्तान की प्रॉपर्टी
भोपाल मेट्रो: अंडरग्राउंड रूट पर कांग्रेस विधायक ने जताई आपत्ति
Congress MLA Protests Construction: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निर्माणाधीन ऑरेंज लाइन मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट को लेकर विवाद हो गया है. कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने इस पर आपत्ति जताई है. सोमवार (5 अक्टूबर) देर रात मामला तब गरमा गया जब मेट्रो टीम भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान के पास पहुंची और बेरिकेड्स करनी लगी. इस पर विधायक ने वहां मौजूद मेट्रो और पुलिस अफसरों से कहा कि बाहर निकलो वरना बदतमीजी करने लगूंगा.
जानिए क्या है पूरा मामला
अंडरग्राउंड रूट को लेकर नाराजगी है, जो शाही कब्रिस्तान नीचे से जाने वाले है. इसे लेकर बार-बार आपत्तियां जताई जा रही है. सोमवार रात जब अधिकारी और कर्मचारी बेरिकेड्स और मशीनें लेकर पहुंचे तो विधायक अकील ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि कब्रिस्तान को छोड़कर मेट्रो ट्रेन का काम किया जाए. यहां सामान कैसे लेकर आए? ये शाही कब्रिस्तान की प्रॉपर्टी है. इस बारे में क्या पहले जानकारी दी थी? या अनुमति ली गई है? पुलिस वाले सामने खड़े होकर कब्जा करवा रहे हैं. पहले शाही औकाफ से परमिशन लेकर आएं, फिर काम करना.
3.39 किमी का हिस्सा अंडरग्राउंड
भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन की बात करें तो एम्स से सुभाषनगर के बीच मेट्रो दौड़ रही है. इसे प्रायोरिटी कॉरिडोर के तौर पर तैयार किया गया है. दूसरे चरण में सुभाषनगर से करोंद तक निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इस रूट की लंबाई 9.74 किमी है. इसका 5.38 किमी हिस्सा एलिवेटेड रहेगा, जिसके अंतर्गत 6 मेट्रो स्टेशन बनेंगे.
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इस रूट का बाकी हिस्सा यानी 3.39 किमी अंडरग्राउंड है. जिसमें दो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड शामिल हैं. इसके लेकर ही बवाल हो गया है. इसकी लागत करीब 1540 करोड़ रुपये आएगी. इस रूट पर पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा मेट्रो स्टेशन बनेंगे.