भोपाल में पूर्व IAS राकेश अग्रवाल की हत्या कर घर को ब्लास्ट करना चाहता था हत्यारा! क्या था आरोपी का प्लान?
भोपाल में पूर्व IAS राकेश अग्रवाल की हत्या कर घर को ब्लास्ट करना चाहता था हत्यारा!
House Blast Murder Conspiracy: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार के तड़के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल का घर के अंदर शव मिलने से सनसनी फैल गई. आरोपी ने उनके गले में कई बार धारदार हथियार से वार किया जिसमें उनकी गर्दन कट गई. इस दौरान काफी देर तक जमीन पर पड़े रहने से उनका सारा खून निकल गया. जिसमें उनकी मौत हो गई. इस हत्या का आरोप उनके ही नौकर पर लगा है. हालांकि, अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हत्याकांड के पीछे नौकर का ही हाथ है, लेकिन घटना के बाद से नौकर घर छोड़कर फरार हो गया है.
जानकारी के अनुसार, करीब 4 दिन पहले ही वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के जरिए नौकर को रखा गया था. नौकर की पहचान वरुण के रूप में हुई है. पुलिस की शुरुआती जांच में वरुण का नाम सामने आया है. उसी पर हत्या करने का शक जताया जा रहा है. राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ रातीबड़ थाने के सूरजनगर में रहते थे. उनका एक बेटा है, सिद्धार्थ अग्रवाल, जो अमेरिका में रहता है. पुलिस ने बेटे को राकेश अग्रवाल की हत्या की जानकारी दे दी है.
क्या थी आरोपी की मंशा?
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है. जानकारी के अनुसार, आरोपी वरुण वारदात को अंजाम देने के बाद घर में रखे दोनों LPG गैस सिलेंडरों के रेगुलेटर/वाल्व खोल दिए थे. इसके पीछे आरोपी की क्या मंशा रही होगी? यह तो वही बता पाएगा. पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद घर में गैस फैलाकर ब्लास्ट करने की कोशिश में था. लेकिन सफल नहीं हो पाया.
पुलिस ने बताया कि आरोप ने वारदात के बाद घर पर रखे गैस सिलेंडर के रेगुलेटर खोल दिए ताकि दोनों गैस सिलेंडर से गैस का रिसाव होने लगे और घर में गैस फैल जाए. आरोपी के वारदात का मकसद, हत्या की योजना और घटना के बाद घर को ब्लास्ट करने की कोशिश को लेकर जांच की जा रही है.
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पुलिस जांच में बड़े खुलासे की संभावना
फिलहाल, नौकर वरुण अभी फरार बताया जा रहा है. वारदात के बाद से ही वह पहले घर की तलाशी और जब कुछ नहीं मिला, तो अपना सामान लेकर फरार हो गया. आरोपी वरुण को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है. इससे साथ ही कई एंगलों पर जांच-पड़ताल की जा रही है.
जांच के दायरे में केयरटेकर कंपनी
केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है. जांच में सामने आया कि आरोपी वरुण कुमार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था. पुलिस ने बर्मा होम केयर हेल्थ एजेंसी के मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया है. बर्मा होम केयर हेल्थ एजेंसी ने ही वरुण को रिटायर्ड आईएएस के घर पर सर्विस के लिए भेजा था. एजेंसी करीब चार महीने पहले ही शुरू की गई थी. पुलिस अब एजेंसी के संचालन, आरोपी के चयन और उसके वेरिफिकेशन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है.