भोपाल में OLA-Rapido को लेकर RTO की सख्ती! प्राइवेट बाइक चलाने पर होगी कार्रवाई, जानें पैसेंजर्स पर क्या असर होगा

Bhopal News: टैक्सी यूनियनों ने 18 और 19 अगस्त को हड़ताल की थी. मांग की थी कि केवल वैध कमर्शियल वाहनों को ही ओला और रैपिडो जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करना चाहिए. वहीं, विभाग का कहना है कि बाइक टैक्सी को बंद नहीं किया जा रहा है लेकिन जिन राइडर्स के पास कमर्शियल नंबर प्लेट नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
Bhopal rto will be taken action against private vehicles ola and rapido service

सांकेतिक तस्वीर

Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में OLA और Rapido की बाइक सर्विस को लेकर परिवहन विभाग की सख्ती नजर आ रही है. विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्राइवेट नंबर प्लेट वाली बाइक से कमर्शियल गतिविधियां नहीं की जा सकती हैं. इन एप्स की मदद से सवारी को राइड नहीं दी जा सकती है. इसके साथ ही कहा गया है कि निजी नंबर प्लेट वाली कार या बाइक को यात्री सेवा देते हुए पकड़ा जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

टैक्सी यूनियनों की थी हड़ताल

टैक्सी यूनियनों ने 18 और 19 अगस्त को हड़ताल की थी. मांग की थी कि केवल वैध कमर्शियल वाहनों को ही ओला और रैपिडो जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करना चाहिए. इसके साथ ही यात्रियों को ढ़ोने की अनुमति होनी चाहिए. नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के राष्ट्रीय सचिव नफीसुद्दीन ने कहा कि कमर्शियल वाहनों (कार या बाइक) को परमिट, इंश्योरेंस, टैक्स और फिटनेट सर्टिफिकेट जैसी कई औपचारिकताओं को पूरा करना होता है. वहीं, प्राइवेट व्हीकल्स को कई मामलों में छूट रहती है. इस वजह कमर्शियल वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

विभाग का क्या कहना है?

एक अनुमान के मुताबिक भोपाल शहर में करीब 10 हजार बाइक टैक्सी संचालित की जा रही हैं. इसके उलट कमर्शियल वाहनों की संख्या 200-300 ही हैं. परिवहन विभाग के अधिकारी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के जरिए केवल कमर्शियल वाहनों को चलाने की अनुमति हैं. विभाग का कहना है कि बाइक टैक्सी को बंद नहीं किया जा रहा है लेकिन जिन राइडर्स के पास कमर्शियल नंबर प्लेट नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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यात्रियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

इसमें कोई दो राय नहीं है कि बाइक टैक्सी की संख्या में कमी आने से यात्रियों पर असर नहीं पड़ेगा. दरअसल, OLA, Rapido, Ober जैसे एप के जरिए यात्री घर बैठे या किसी अन्य लोकेशन से बाइक, कार या ऑटो रिक्शा बुक कर सकते हैं. फेयर पहले से ही निश्चित होता है. डेस्टिनेशन तक जा सकते हैं. अब इनकी संख्या में कमी आती है तो या प्राइवेट नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को हटाया है तो पैसेंजर्स को असुविधा होगी.

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