नर्मदा परिक्रमा पथ होगा अतिक्रमण मुक्त, सरकार की बड़े एक्शन की तैयारी; CM ने की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर जानकादी देते हुए बताया, 'आज मंत्रालय में 'नर्मदा समग्र' की समीक्षा बैठक कर नर्मदा परिक्रमा पथ को अतिक्रमण मुक्त बनाने के निर्देश दिए. समग्र की बैठक प्रतिमाह होगी, जिसमें नदी क्षेत्र के विकास के निर्णय लिए जाएंगे. सभी विभागों के अधिकारी पूरे समर्पण से यह कार्य करें.'
CM Mohan Yadav held a review meeting.

सीएम मोहन यादव ने समीक्षा बैठक की.

MP News: मध्य प्रदेश में नर्मदा परिक्रमा पथ को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सरकार बड़े एक्शन की तैयारी में है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को ‘नर्मदा समग्र’ की समीक्षा बैठक की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. साथ ही जानकारी देते हुए बताया कि नर्मदा के घाटों को स्वच्छ और निर्मल रखने के लिए ‘नर्मदा कोष पोर्टल’ बनाया जाएगा.

‘नदियों के संरक्षण के लिए युवाओं को जोड़ें’

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर जानकादी देते हुए बताया, ‘आज मंत्रालय में ‘नर्मदा समग्र’ की समीक्षा बैठक कर नर्मदा परिक्रमा पथ को अतिक्रमण मुक्त बनाने के निर्देश दिए. समग्र की बैठक प्रतिमाह होगी, जिसमें नदी क्षेत्र के विकास के निर्णय लिए जाएंगे. सभी विभागों के अधिकारी पूरे समर्पण से यह कार्य करें.

प्रदेश भर में मां नर्मदा जयंती पर विभिन्न आयोजन किए जाएं. प्रदेश में नदियों के संरक्षण के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के व्यक्तियों, विशेषकर युवाओं को जोड़ें. मां नर्मदा जी के तट के सभी धार्मिक और पवित्र स्थल प्रदूषण मुक्त बनाएं, यहाँ दीनदयाल रसोई प्रारंभ करें.’

‘नर्मदा कोष पोर्टल’ बनेगा

सीएम मोहन यादव ने आगे बताया, ‘शहरी क्षेत्रों में नर्मदा घाटों को निर्मल बनाए रखने की व्यवस्था की जा रही है. ‘नर्मदा कोष पोर्टल’ भी बनेगा. मां नर्मदा के जल को सदैव निर्मल और अविरल रखने के लिए ‘नमन मिशन’ तैयार किया गया है, जो घाटी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्राधिकृत होगा. इसे क्रियान्वित करने के लिए वर्ष 2026-27 का रोडमैप भी तैयार है. मां नर्मदा जी के उद्गम स्थल अमरकंटक में ‘जैव विविधता प्रबंधन संस्थान’ बनाया जाएगा, जिसके लिए योजना प्रस्ताव तैयार है. घाटी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा करीब 415 हेक्टेयर क्षेत्र में 2.70 लाख पौधे लगाए जाएंगे.

प्रदेश के नर्मदा क्षेत्र के 21 नगरों में 35 एसटीपी दिसंबर, 2027 तक तैयार हो जाएंगे. ओंकारेश्वर के विकास के लिए वहां ‘स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी’ तैयार की जाएगी.’

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