MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को कल बड़ा फैसला सुनाया था. कोर्ट ने 27 प्रतिशत आरक्षण वाली याचिका को खारिज करते हुए प्रदेश में ओबीसी वर्ग के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण को लागू रखने को कहा था. कोर्ट के इस फैसले पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े प्रकरण में वर्ष 2019-22 के बीच की गई नियुक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है.
न्यायालय ने 13 प्रतिशत अतिरिक्त नियुक्तियों को संरक्षित करते हुए आगामी भर्ती में समायोजित करने का निर्देश दिया है. न्यायालय ने वर्ष 2022 के पश्चात निर्णय दिनांक तक की गई भर्तियों के संबंध में 13 प्रतिशत होल्ड किए पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करने का निर्देश दिया है. तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से लागू 27 प्रतिशत आरक्षण का नोटिफिकेशन लचर और त्रुटिपूर्ण था, न्यायालय के इस निर्णय से यह सिद्ध हो गया है.
तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा अत्यंत जल्दबाजी में यह अध्यादेश लाया गया था. इस संबंध में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से भी सलाह नहीं ली गई थी. न्यायालय के फैसले से कांग्रेस सरकार के 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मंशा पर संदेह उत्पन्न हुआ है. राज्य सरकार उच्च न्यायालय के इस निर्णय का विधिक परीक्षण कर आगामी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी.
माननीय उच्च न्यायालय ने ओबीसी को 27% आरक्षण देने से जुड़े प्रकरण में वर्ष 2019-22 के बीच की गई नियुक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। मान. न्यायालय ने 13% अतिरिक्त नियुक्तियों को संरक्षित करते हुए आगामी भर्ती में समायोजित करने का निर्देश दिया है। मान. न्यायालय ने वर्ष 2022 के पश्चात निर्णय दिनांक तक की गई भर्तियों के संबंध में 13% होल्ड किए पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करने का निर्देश दिया है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से लागू 27% आरक्षण का नोटिफिकेशन लचर और त्रुटिपूर्ण था, मान. न्यायालय के इस निर्णय से यह सिद्ध हो गया है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा अत्यंत जल्दबाजी में यह अध्यादेश लाया गया था। इस संबंध में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से भी सलाह नहीं ली गई थी। मान. न्यायालय के फैसले से कांग्रेस सरकार के 27% आरक्षण देने की मंशा पर संदेह उत्पन्न हुआ है। राज्य सरकार मान. उच्च न्यायालय के इस निर्णय का विधिक परीक्षण कर आगामी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 9, 2026
कमलनाथ सरकार ने की थी घोषणा
साल 2019 में कमलनाथ सरकार ने मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से 27 प्रतिशत करने की घोषणा की थी. इसके बाद पूरा मामला कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया था. इसको लेकर हाई कोर्ट में कई याचिकाएं लगाई. लेकिन अब हाई कोर्ट ने इस पर बड़ा फैसला सुनाया है.
मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था
ओबीसी आरक्षण वाला मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था. पक्ष और विपक्ष दोनों ने याचिकाएं लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी याचिकाओं पर एक साथ फैसला लेने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को निर्देशित किया था.
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