MP News: आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पटवारी, प्रदेश प्रभावित होंगी 12 से ज्यादा ऑनलाइन सेवाएं
सांकेतिक तस्वीर
MP News: देशभर में आंदोलन और हड़ताल का दौर चल रहा है. ऐसे में मध्य प्रदेश में पटवारी संघ आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर करने जा रहा है. संघ ने स्पष्ट किया गया है कि जब तक शासन उनकी सालों से लंबित और न्योयोचित मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं ले रहा है. संघ ने कहा है कि मांगे पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा. हड़ताल के चलते राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं. संघ का कहना है कि एमपी ही ऐसा राज्य है, जहां पटवारी को सबसे कम ग्रेड पे मिल रहा है.
हड़ताल पर पटवारियों का कहना है कि यूपी, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत सात राज्यों में 2800 का ग्रेड पे मिल रहा है. वहीं कर्नाटक में 3600 और उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल सहित कई अन्य राज्यों में 4200 का ग्रेड पे पटवारियों को दिया जा रहा है.
प्रदेशव्यापी हड़ताल पर पटवारी
एमपी पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष अध्यक्ष उपेन्द्र बघेल ने बताया कि पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर पहले ही चरणबद्ध आंदोलन किया है. अध्यक्ष ने कहा कि संघ ने पहले भी काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया, फिर शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों का बहिष्कार किया इसके साथ ही ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार किया गया, लेकिन शासन स्तर पर किसी भी प्रकार का सार्थक पहल नहीं होने के कारण अब पटवारी संघ ने प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया है.
पटवारी का संघ का कहना है कि उनके कार्यो को लगातार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उनकी पुरानी मांगों पर कोई कार्य नहीं किया जा रहा है. संघ ने कहा कि वर्तमान में पटवारियों से नए-नए ऑनलाइन और मैदानी कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि संघ के द्वारा पहले की गई मांगों का अभी तक निराकारण नहीं हो पाया है.
अनिश्चितकालीन हड़ताल से प्रभावित होगी ये सेवाए
पटवारियों की इस प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व विभाग के 12 से अधिक ऑनलाइन पोर्टल और कई शासकीय कार्य प्रभावित होंगे. इसमें ई-टोकन, वेब जीआईएस, रिकॉर्ड अपडेट, सारा पोर्टल, सारा एप्लिकेशन, आरसीएमएस, सीएम हेल्पलाइन, लघु सिंचाई गणना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े रिकॉर्ड सत्यापन, रिकॉर्ड स्कैनिंग, राजस्व वसूली, फार्मर रजिस्ट्रेशन समेत कई ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है.
हड़ताल के चलते और भी सेवाएं प्रभावित होंगी जैसे नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, खसरा-खतौनी, गिरदावरी, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई, कब्जा दिलाने, कानून-व्यवस्था से जुड़े राजस्व दायित्व तथा अन्य फील्ड और कार्यालयीन कार्य भी पूरी तरह प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है. इन सेवाओं के प्रभावित होने से इसका सीधा असर किसानों, आम नागरिकों और राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों पर पड़ेगा.
ये भी पढे़ं- Bhopal: बड़े तालाब किनारे अतिक्रमण पर NGT ने दिखाई सख्ती, प्रशासन को कार्रवाई के लिए दिया 21 दिनों का अल्टीमेटम