MP News: इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में सियासी घमासान, BJP और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर चप्पल चलाए
इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में BJP और कांग्रेस कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़े.
MP News: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत और बीमारियों के मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इसी मुद्दे पर शनिवार को बीजेपी और कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए. मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेताओं को बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा भागीरथपुरा में घुसते ही रोक दिया गया. इसके बाद वहां जमकर हंगामा हो गया, इस दौरान दोनों ओर से जमकर जूते-चप्पल चले. बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर हंगामे पर काबू पाया. इस दौरान पुलिस ने कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया.
‘ये लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है’
भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 15 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 2 हजार से अधिक पानी पीकर बीमार भी हुए है, सैकड़ों अभी भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं. ऐसे में शनिवार को कांग्रेस नेता मृतकों के परिजन से मिलने के लिए भागीरथपुरा पहुंचे. कांग्रेस नेताओं के पहुंचने की जानकारी लगने पर बीजेपी के मंडल अध्यक्ष चंदन सिंह बेस अपने कार्यकर्ताओं समेत कांग्रेस नेताओं का विरोध करने पहुंच गए. इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी नेता कार्यकर्ता आमने सामने हो गए. दोनों ओर से एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी गई और देखते ही देखते मामला बढ़ता चला गया और दोनों ओर से एक दूसरे पर जूते चप्पल फेंकना शुरू कर दिया गया. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रशासन और नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया. बीजेपी कार्यकर्ताओं की इस हरकत को कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बीजेपी नेताओं ने हमे रोकने के लिए बाहर से कार्यकर्ता भेजे है.
‘स्थानीय लोगों ने कांग्रेसियों का विरोध किया’
वहीं कांग्रेसियों को काले झंडे दिखाने और उनका विरोध करने आए बीजेपी पार्षद मनोज मिश्रा इस बात से ही मुकर गए कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया है. मिश्रा का कहना है कि स्थानीय रहवासियों ने ही कांग्रेस नेताओं के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध किया है. स्थानीय रहवासियों में इस बात की नाराजगी है कि जीतू पटवारी एक बार ही आकर चले गए, जबकि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय यहां लगातार डटे रहे है. कांग्रेसी राजनीति करने आए थे, जिन्हें लोगों ने उल्टे पैर लौट दिया.
12 से ज्यादा नेताओं, कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया
दोनों दलों के आमने सामने होने के बाद हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारा 170 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए 21 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई.
ये भी पढे़ं: MP News: मऊगंज में खून से लिखी गई बेवफाई की कहानी! दोस्त बना कातिल, पत्नी निकली साजिशकर्ता