Bhopal: विरोध के बाद बीजेपी की भोपाल शहर कार्यकारिणी घोषित, 20 दिन पहले होल्ड हुई थी लिस्ट
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Bhopal News: भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के शहर अध्यक्ष रविन्द्र यती ने आखिरकार जिला कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा कर दी है. रविवार देर रात पदाधिकारियों की नई सूची जारी की गई. इससे पहले 10 फरवरी को घोषित सूची को संगठन के भीतर उठे विरोध के चलते रोक दिया गया था. उस समय सूची सोशल मीडिया पर सामने आते ही असंतोष की स्थिति बन गई थी, जिसके बाद पार्टी को उसे होल्ड करना पड़ा.
20 दिन बाद जारी हुई संशोधित सूची
करीब 20 दिन बाद जारी नई सूची में कई अहम बदलाव किए गए हैं. पार्षदों के नाम हटा दिए गए हैं और प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना से जुड़े रहे सचिन दास बब्बा को महामंत्री पद से बाहर कर दिया गया है. पहले तीन महामंत्री बनाए गए थे, लेकिन अब केवल दो नाम घोषित किए गए हैं, जबकि एक पद फिलहाल रिक्त रखा गया है.
नई कार्यकारिणी में ये बने पदाधिकारी
नई कार्यकारिणी में आठ उपाध्यक्ष बनाए गए हैं, जिनमें राम बंसल, भाषित दीक्षित, राजकुमार विश्वकर्मा, भीकम सिंह बघेल, अमन यादव, अभय पंडित, विनय ददनानी और गुंजन चौकसे शामिल हैं. महामंत्री के रूप में प्रदीप शेखावत और मुकेश राय को जिम्मेदारी सौंपी गई है. सात जिला मंत्रियों में राकेश कुकरेजा, जितेन्द्र अहिरवार, सरिता पिपलोदे, उत्कर्ष नायक, योगेश वासवानी, धर्मेन्द्र परिहार और संतोष हिरवे को जगह मिली है.
कोषाध्यक्ष राघवेन्द्र द्विवेदी बनाए गए हैं, जबकि सह कोषाध्यक्ष का दायित्व आशा पारोचे को दिया गया है. डॉ. योगेन्द्र मुखरैया को कार्यालय मंत्री और भूपेन्द्र माली को सह कार्यालय मंत्री नियुक्त किया गया है. मुकुल लोखंडे कार्यालय प्रभारी होंगे. मन की बात के लिए सुमित पांडे को प्रभारी बनाया गया है. आईटी प्रभारी की जिम्मेदारी विश्वविजय सिंह को और सोशल मीडिया प्रभारी का दायित्व विभा गरुड को सौंपा गया है.
पहली सूची में ये थे नाम
गौरतलब है कि 10 फरवरी को जारी पहली सूची में कई अलग नाम थे. उस सूची में राजकुमार विश्वकर्मा, अश्विनी राय, राकेश कुकरेजा, अशोक वाणी, राजू अनेजा, भाषित दीक्षित, विभा गरुण और शिखा मोनू गोहल को उपाध्यक्ष बनाया गया था. मनोज राठौर, योगेश परमार और सचिन दास बब्बा को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी. मंत्रियों में अमन यादव, योगेश वासवानी, सुनील यादव, सुषमा बावीसा, लक्ष्मी ठाकुर, पार्थ पाटीदार और प्रतीक्षा ब्रह्मभट्ट के नाम शामिल थे. उस सूची में पांच पार्षदों को भी पदाधिकारी बनाया गया था, जिसे लेकर संगठन के भीतर नाराजगी सामने आई थी.
सचिन दास के नाम पर उठा था विवाद
विशेष रूप से सचिन दास बब्बा का नाम सामने आने पर आपत्ति जताई गई थी. पार्टी के कुछ नेताओं ने शिकायत की थी कि वे पहले प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना में शामिल रहे थे और वर्ष 2013 में भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र नाथ सिंह के खिलाफ निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुके थे. इन आपत्तियों के बाद संगठन ने सूची पर पुनर्विचार किया और संशोधित कार्यकारिणी जारी की.
संगठन में संतुलन साधने की कोशिश
नई सूची से यह संकेत मिला है कि पार्टी नेतृत्व ने आंतरिक असंतोष को ध्यान में रखते हुए संतुलन साधने की कोशिश की है. अब देखना होगा कि बदली हुई टीम संगठन को किस दिशा में आगे बढ़ाती है.