MP News: UGC के नए कानून को लेकर ब्राह्मण समाज की महिलाओं का फूटा गुस्सा, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महिला संगठन की अध्यक्ष वर्षा त्रिवेदी ने कहा, 'संविधान का मतलब समान विधान है. लेकिन सामान्य वर्ग के साथ इतनी असमानता क्यों की जा रही है.'
In Madhya Pradesh, women from the Brahmin community burnt copies of the new UGC law.

मध्य प्रदेश में ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने यूजीसी के नए कानून की प्रतियां जलाईं.

MP News: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी (UGC) के नए कानून को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में विरोध देखा जा रहा है. वहीं मध्य प्रदेश में भी ब्राह्मण समाज की महिलाओं
ने भी मोर्चा कोल दिया है. मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महिला संगठन ने यूजीसी के नए कानून को लेकर जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान महिलाओं ने यूजीसी के आदेश की प्रतियां जलाईं.

सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए है घातक

यूजीसी के नए बिल के खिलाफ मध्य प्रदेश में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है. मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महिला संगठन की अध्यक्ष वर्षा त्रिवेदी ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 की नई गाइडलाइन सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए घातक हैं. यूजीसी की नई गाइडलाइन विद्यार्थियों के लिए असमानता पैदा करने वाली हैं. यूजीसी एक्ट को काला कानून बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

‘सामान्य वर्ग के लोगों के साथ इतनी असमानता क्यों?’

मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महिला संगठन की अध्यक्ष वर्षा त्रिवेदी ने कहा, ‘संविधान का मतलब समान विधान है. लेकिन सामान्य वर्ग के साथ इतनी असमानता क्यों की जा रही है. पहले से ही आरक्षण इतना ज्यादा है कि बच्चों को बहुत परेशानी हो रही है. यूजीसी एक्ट के तहत एक समिति गठित की गई. इसमें सामान्य वर्ग के किसी भी व्यक्ति को इसमें नहीं रखा गया. इसमें अगर सामान्य श्रेणी के छात्र-छात्राओं के खिलाफ फर्जी शिकायत की जाती है तो समिति सामान्य विद्यार्थियों को निलंबित कर देगी. इसलिए हम इस कानून का विरोध कर रहे हैं. ये कानून सामान्य वर्ग के लोगों के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है.’

‘अगर कानून वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन होगा’

मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महिला संगठन की अध्यक्ष वर्षा त्रिवेदी ने कहा, ‘सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए स्कूल, कॉलेज जाने बहुत मुश्किल हो जाएगा. अगर कोई कुछ बोले तो चुपचाप सुन लो. अगर कुछ जवाब दिया तो परेशानी हो जाएगी. अगर ये स्थिति रही तो सवर्णों की स्थिति बहुत बुरी हो जाएगी. पहले अंग्रेजों ने सरकार चलाया और अब सरकार ये कानून लेकर आई है. हमारी सरकार से विनती है कि इस कानून को वापस लें. अगर सरकार ऐसा नहीं करती है, तो हमारा आंदोलन और उग्र हो जाएगा.’

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