MP News: ‘कांग्रेस हमेशा वोटों के लालच में योजनाएं लाती रही’, वीबी-जी रामजी कार्यशाला के दौरान CM मोहन यादव ने जमकर हमला बोला
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
MP News: वीबी-जी रामजी को लेकर बीजेपी में जिलों की टोलियों की कार्यशाला मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. सीएम ने कहा कि कांग्रेस हमेशा वोटों के लालच में और राजनीतिक स्वार्थ के आधार पर योजनाएं लाती रही है. कांग्रेस वर्षों से महात्मा गांधी के नाम को भुनाती रही, लेकिन आज गांधी जी का मूल परिवार कहां है? यह सवाल है. राम के नाम पर कांग्रेसियों को बुखार आ जाता है. गांधी के नाम पर गांधी परिवार अपनी राजनीति चमका रहा है.
‘असली गांधी परिवार को कोई पूछ नहीं रहा’
सीएम मोहन यादव ने सोनिया गांधी के परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि असली गांधी के परिवार को कोई नहीं पूछ रहा है. सिर्फ गांधी खानदान के नाम पर गांधी परिवार अपनी राजनीति चमका रहा है. जहां पर राम का नाम आता है, वहां पर कांग्रेस वालों को दिक्कत होती है. पता नहीं क्यों भगवान राम के नाम से गांधी परिवार को क्या दिक्कत है. भगवान राम के भूमिपूजन में कांग्रेस का कोई नहीं था. आज तक राहुल, सोनिया कोई भी राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गया. एक तो ये नकली गांधी और फिर भगवान राम से विरोध. जयराम जी का आनंद होना चाहिए. भाजपा के झंडा तले भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे.
‘एक तो नकली गांधी और ऊपर से राम जी को नहीं मानते’
सीएम डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा, ‘जहां भगवान राम का नाम आता है, वहां कांग्रेस को बुखार आ जाता है. एक तो नकली गांधी और ऊपर से राम जी को नहीं मानते. फिर भी हमसे बात करते हैं. राम मंदिर मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट के फैसले के समय मुस्लिम पक्ष भी था और हमारा पक्ष भी था. लेकिन कांग्रेस उस समय कहीं नजर नहीं आई. भूमिपूजन से लेकर अब तक गांधी परिवार का कोई भी सदस्य राम मंदिर दर्शन के लिए नहीं गया.’
‘महात्मा गांधी का नाम मनरेगा से क्यों हटाया’
वहीं मुख्यमंत्री के आरोपों पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भूगोल ज्यादा पढ़ा है और इतिहास कम पढ़ा है. चलो माना कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सिर्फ सरनेम का प्रयोग कर रहे हैं. लेकिन मेरा BJP के लोगों से कहना है कि महात्मा गांधी जिसने देश को आजादी की सांसें दिलायी है. उस व्यक्ति का नाम आप मनरेगा से हटा रहे हो. क्या ये आप ठीक कर रहे हैं? क्या किसी दूसरी योजना का नाम हम जी राम जी नहीं रख सकते थे?