Bhopal: भोपाल में MBBS छात्रा की मौत पर डीन का बड़ा खुलासा, बोलीं- आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट परिवार को मैसेज किया
हमीदिया अस्पताल
Bhopal News: भोपाल में MBBS फर्स्ट ईयर की छात्रा रोशनी ने अपने पीजी में सुसाइड कर लिया. सुसाइड करने वाली लड़की कोहेफिजा इलाके में बीडीए कॉलोनी में रहती थी. इसी पीजी से लड़की गांधी मेडिकल कॉलेज आना-जाना करती थी. पीजी में मेडिकल पढ़ने वाली और भी लड़कियां रहती हैं.
पीजी के टॉप फ्लोर के वॉशरूम में किया सुसाइड
रोशनी का कमरा पीजी के ग्राउंड फ्लोर पर था, लेकिन लड़की ने पीजी के टॉप फ्लोर पर वॉशरूम में सुसाइड किया. रोशनी को खोजते-खोजते उसकी अन्य साथी पीजी के टॉप फ्लोर पर पहुंची तो दिखाई दिया कि वॉशरूम अंदर से बंद है. बार-बार आवाज देने के बाद भी रोशनी दरवाजा नहीं खोल रही थी. इसके बाद पेचकस के जरिए दरवाजा खोला गया तो रोशनी की लाश पड़ी मिली.
लाश मिलने के बाद मची अफरा-तफरी
पीजी की मकान मालकिन का कहना है कि घटना के दिन सुबह-सुबह दूसरी लड़कियां रोशनी को खोजने लगीं. अपने कमरे में नहीं मिलने के बाद लड़कियां पीजी के टॉप फ्लोर पर पहुंचीं, जहां कॉमन वॉशरूम में उसकी लाश पड़ी मिली. इसके बाद अफरा-तफरी मच गई. मकान मालकिन ने बताया कि सुसाइड करने वाली बच्ची स्वभाव से बहुत अच्छी थी.
प्रेशर में आकार किया सुसाइड
पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में प्रेशर के कारण लड़की ने सुसाइड किया है. एसीपी अनिल बाजपेई ने एसिड की बोतल की बात की पुष्टि भी की है. एसीपी ने कहा कि मोबाइल फोन भी लड़की का जब्त किया गया है और उसकी जांच की जा रही है. मोबाइल फोन से पुलिस को सुसाइड का मुख्य कारण पता चलेगा. PM रिपोर्ट आने के बाद पूरी बात स्पष्ट होगी.
परिजनों का हुआ रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. लड़की के पिता वंतर सिंह कलेश ने बताया कि घटना से एक दिन पहले रात को बेटी से बातचीत हुई थी. बेटी से पूछा था खाना खाया कि नहीं, तो बेटी ने जवाब दिया, हां पापा, सब कुछ ठीक है, खाना भी खा लिया. अगले दिन अचानक सुबह 8:30 बजे पता चला कि बेटी की लाश मिली है.
डीन ने कहा एग्जाम के बाद बच्ची तनाव में थी
डीन का कहना है कि इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन ने बताया कि थोड़े दिन पहले एग्जाम हुए थे और अभी रिजल्ट भी नहीं आया है. एग्जाम देने के बाद से बच्ची तनाव में थी. इसके बाद एक हफ्ते के लिए बच्ची घर भी गई थी. घर से वापस आने के बाद सुसाइड किया. सुसाइड करने से पहले मोबाइल में एक सुसाइड नोट भी उसने अपने पिता को भेजा, जिसमें उसने लिखा कि पढ़ाई को कोप-अप नहीं कर पाने के कारण वह ऐसा कदम उठा रही है.
महीने की 10 तारीख को खुलकर संवाद किया जाएगा
बच्ची को खोने के बाद पूरा कॉलेज व्यथित है. घटना के बाद जीएमसी प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है. डीन ने बताया कि मेंटल इलनेस एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है. इसे दूर करने के लिए कॉलेज में हर महीने 10 तारीख को बच्चों के साथ खुलकर संवाद किया जाएगा. बच्चों की बात सुनी जाएगी. बच्चों के साथ क्रिएटिव एक्टिविटी की जाएंगी, ताकि बच्चे खुलकर अपनी बात रख सकें, क्योंकि मेडिकल का कोर्स काफी बड़ा होता है. कॉलेज में एक सेंटर भी बनाया जाएगा, जहां लेट शेयर एंड केयर अभियान भी शुरू किया जाएगा, जिससे बच्चों के लिए एक अच्छा वातावरण तैयार हो सके.
ये भी पढे़ं- MBBS छात्रा की भोपाल में रहस्यमयी हालात में मौत, हॉस्टल में मिली लाश, एसिड की बोतल पड़ी थी