Indore Water Crisis: इंदौर के भागीरथपुरा में पानी से खौफ! RO वाटर से बन रही चाय, महिलाओं का नगर निगम पर फूटा गुस्सा
इंदौर में दूषित पानी की मामले में महिलाओं ने किया विरोध
Indore Water Crisis: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में इन दिनों पानी को लेकर लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है. दुषित पानी पीने से 15 लोगों की माैत के बाद हालात ऐसे हैं कि रोजमर्रा की चाय की चुस्कियों में भी डर साफ झलक रहा है. नल और बोरिंग के पानी को लेकर लोगों का भरोसा इस कदर टूट चुका है कि अब चाय दुकानों पर भी RO के पानी से बनी चाय की मांग तेजी से बढ़ गई है.
RO के पानी से दुकानों पर बन रही चाय
स्थिति यह है कि इलाके की कई चाय दुकानों पर अब सिर्फ RO के पानी से ही चाय बनाई जा रही है. दुकानदार भी ग्राहकों के डर को देखते हुए नर्मदा और बोरिंग के पानी का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा पानी और बोरिंग के पानी से बीमारी फैलने की आशंका के चलते उन्होंने इसका उपयोग लगभग बंद कर दिया है.
नल और बोरिंग के पानी से लोग कर रहे परहेज
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, हाल के दिनों में उल्टी-दस्त और अन्य बीमारियों की शिकायतें सामने आने के बाद पानी को लेकर डर और ज्यादा गहरा गया है. हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूषित पानी के कारण अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बाद से लोग अब सिर्फ पीने के लिए ही नहीं, बल्कि खाना बनाने में भी नल और बोरिंग के पानी से पूरी तरह परहेज कर रहे हैं. कई परिवार मजबूरी में बाहर से पानी खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं.
इलाके के लोगों ने प्रशासन से पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि जब तक पानी की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती और भरोसेमंद व्यवस्था नहीं होती, तब तक यह डर बना रहेगा. वहीं प्रशासन की ओर से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.
पानी की समस्या को लेकर महिलाएं सड़कों पर उतरी
इसी बीच भागीरथपुरा इलाके में पानी की समस्या को लेकर महिलाओं का गुस्सा भी सामने आया है. नर्मदा और बोरिंग दोनों की आपूर्ति बंद होने से इलाके में जल संकट और गहरा गया है. पानी नहीं मिलने से परेशान महिलाएं विरोध जताने के लिए सड़कों पर उतर आईं. महिलाओं ने निगम कर्मचारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को खोजते हुए अपनी बात रखी. उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है. महिलाओं ने साफ कहा कि अगर जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो उनका विरोध और तेज होगा.
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