MP News: भोपाल में गणपति को बनाया ‘ईदगाह का राजा’, मुस्लिम समुदाय के विरोध के बाद हटाया बैनर
भोपाल में गणपति को ईदगाह का राजा बताने पर विवाद.
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी में गणपति महोत्सव धूमधाम से मनाया गया. लेकिन इस बीच गणपति के एक बैनर के कारण भोपाल में हंगामा हो गया. इस बैनर गणपति महोत्सव को लेकर बनाया गया था और इसमें गणपति को ईदगाह का राजा बताया गया. पोस्टर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर विरोध जताया. हालांकि मुस्लिम समुदाय की आपत्ति के बाद ये पोस्टर हटा दिया गया.
ईदगाह हिल्स इलाके में लगाया गया पोस्टर
ये पोस्टर 26 अगस्त को गणपति पूजा को लेकर पुराने भोपाल में लगाया गया था. स्टेट बैंक चौराहे के शहीद गेट पर लगाए गए थे. इस पोस्टर में गणपति को ‘ईदगाह का राजा’ बताया गया. जिस पर मुस्लमि समुदाय ने आपत्ति जताई. दरअसल पुराने भोपाल में इस इलाके को ईदगाह हिल्स कहते हैं. इसलिए आयोजकों ने गणपति को ईदगाह का राजा लिख दिया.
भोपाल में गणपति उत्सव पर एक पोस्टर मुस्लिमों की नाराजगी का कारण बना।
— SARFARAJ✴️🎋 (@sarapharja37431) August 29, 2025
भगवान गणेश को ईदगाह का राजा बताया,मुस्लिमों के भारी विरोध के बाद पोस्टर को हटा दिया गया।
"ईदगाह हिल्स के राजा" के बजाय "ईदगाह के राजा" कहना विवाद का कारण बना।
शायद शब्दों के खेल से भुनने की कोशिश की गई? pic.twitter.com/AEQ1bQGcor
मुस्लिम समुदाय ने जताया विरोध
गणपति को ईदगाह का राजा बताने का पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुस्लिम समुदाय ने कड़ा विरोध जताया. मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि ईदगाह हिल्स का राजा तो हो सकता है, लेकिन ईदगाह को कोई राजा नहीं है. ईदगाह इबादत करने की जगह है. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस और जिला प्रशासन से पोस्टर हटवाने की मांग की थी.
ये भी पढे़ं: कचरा गाड़ी चलाने वाले ने महिला का लाखों का मंगलसूत्र लौटाया, ऐसी ईमानदारी देखकर ड्राइवर को किया सम्मानित
संस्कृति बचाओ मंच ने पोस्ट हटाने का विरोध जताया
भोपाल में मुस्लिम समुदाय की आपत्ति के बाद ईदगाह के राजा वाले पोस्टर हटा दिए गए. वहीं अब संस्कृति बचाओ मंच ने पोस्टर हटाने का विरोध जताया है. संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि वो ईदगाह नहीं नानक टेकरी है. मुस्लिम समुदाय सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास ना करें.
चंद्रशेखर तिवारी ने कहा, ‘पोस्टर को हटाए जाने का हम विरोध करते हैं. वो ईदगहा नहीं नानक टेकारी है. यह भोपाल राजा भोज के द्वारा बसाया गया है. जब नवावी काल आया तो ईदगाह पर मुस्लिम समाज को नमाज पढ़ने के लिए जगह प्रदान की गई है. वो हर जगह अपना अधिकार जमाने की कोशिश ना करें. आपकी सात पीढ़ी के पहले आप भी हिंदू समाज के ही थे. इसलिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास ना करें.’