Gwalior Accident: ग्वालियर शीतला माता मंदिर के पास शनिवार रात में एक भीषण हादसा हुआ. इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई और 25 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. हादसे के बाद से ही अस्पताल परिसर में एक तरफ गम तो दूसरी तरफ गुस्से का माहौल है. इस हादसे में अपनों को खोने वाले परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. हादसे में कई परिजनों ने तो प्रशासन पर सवाल भी खड़े किए हैं.
हादसे में मृतकाें के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस भीषण हादसे में अपने बेटे को खो देने वाली दिव्यांश की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. मां का कहना है कि, वहां मेरी बहू, मेरे बड़े और छोटे बेटे थे. उन्होंने कहा कि मुझे सुबह 6 बजे बताया गया. मेरी बेटी उन्हें ढूंढने के लिए गई थी, लेकिन पुलिस ने उसे नहीं ढूंढने दिया. पुलिस ने उसे ढूंंढने में मेरी मदद क्यों नहीं करती है? उनका कहना था कि मुझे बताओ अगर ये तुम्हारा अपना बच्चा होता, तो क्या तुम्हें दर्द नहीं होता.
#WATCH | Gwalior, Madhya Pradesh: Following the tragic truck accident near the Sheetla Mata Temple, a grieving family member says, "If the accident happened at 2 o’clock, why was he taken to the hospital at 4 o’clock? They should have brought him in at the time. Now the child has lost his life, and the authorities say to sign the papers… We were informed that he was being treated; we did not have any clue that our child is no more…"
— ANI (@ANI) October 18, 2026
परिजनों ने लगाए प्रशासन और अस्पताल पर आरोप
वहीं एक परिजन ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि घायलों को समय पर अस्पताल नहीं लाया गया. उनका कहना था कि ‘अगर एक्सीडेट रात के 2 बजे हुआ था, तो सुबह 4 बजे अस्पताल क्यों ले जाया गया? उन्होंने कहा कि उनको उसी समय लेकर जाना चाहिए था. अब बच्चे की जान चली गई, वहीं अधिकारी बोल रहे हैं कि पेपर्स पर साइन कर दाे.’
परिजनों ने आगे कहा कि हमे बताया गया था कि उसका इलाज चल रहा है. हमे कोई आइडिया नहीं था कि हमारा बच्चा अब इस दुनिया में नहीं है. उनका आरोप है कि जो जिंदा था, उसे भी मार दिया. उन्होंने कहा कि हम तो सोच रहे थे कि इलाज चल रहा है, हमको नहीं पता था कि बच्चा एक्सपायर हो गया. वो तो यहीं करते रहे कि इलाज चल रहा है.
घटना के समय वहां मौजूद एक पीड़िता ने बताया कि हादसे के समय मैं वहीं पर थी, मेरा भाई बाहर गेट पर खड़ा था, हम अंदर चले गए थे. वो अंदर आ ही रहा था कि इतने में ट्रक आया और सीधे घुस गया.
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