Bhopal: भोपाल में गौ मांस पर बवाल जारी, स्लॉटर हाउस के 8 नियमित कर्मचारी सस्पेंड, 3 अस्थायी को नोटिस
Bhopal News: भोपाल में गौ मांस पर बवाल जारी है. डॉक्टर के बाद 8 नियमित कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है. 3 अस्थायी कर्मचारियों को नोटिस मिला है और उन्हें काम पर आने से मना किया गया है. परिषद की बैठक के बाद देर रात यह कार्रवाई हुई है. इस मामले में भाजपा पार्षद और एमआईसी मेंबर रविंद्र यति ने 11 कर्मचारियों को हटाने की मांग की थी. जिन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है, वे सभी स्लॉटर हाउस की ड्यूटी में तैनात थे.
महापौर कार्यालय हुई थी एमआईसी बैठक
24 अक्टूबर 2025 को आईएसबीटी स्थित महापौर कार्यालय में हुई एमआईसी बैठक में कुल छह बिंदुओं पर चर्चा हुई थी, जिनमें अंतिम बिंदु स्लॉटर हाउस से जुड़ा था. बैठक में आधुनिक स्लॉटर हाउस को संचालन के लिए समय बढ़ाने की बात रखी गई और इस पर सहमति भी बनी थी. हालांकि बाद में स्वच्छ भारत मिशन (यांत्रिकी) के अधिकारी आरके त्रिवेदी और अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग के हस्ताक्षर से जारी नोटशीट में इस फैसले को महापौर परिषद का संकल्प बताया गया और स्लॉटर हाउस को 20 वर्षों के लिए दिए जाने की अनुमति का उल्लेख भी कर दिया गया. यही बात अब विवाद की जड़ बन गई है.
सूत्रों के अनुसार, इस तरह से 20 साल की लीज का उल्लेख किए जाने से खुद एमआईसी के कई सदस्य असहज हैं और उन्होंने इस पर आपत्ति भी जताई है. उनका कहना है कि उन्हें ऐसी लंबी अवधि की अनुमति दिए जाने की जानकारी ही नहीं थी.
पूर्व महापौर ने किया था स्लॉटर हाउस के प्रस्तावों को खारिज
इससे पहले पूर्व महापौर और वर्तमान मंत्री कृष्णा गौर तथा सांसद आलोक शर्मा अपने कार्यकाल में स्लॉटर हाउस से जुड़े प्रस्तावों को खारिज कर चुके थे, लेकिन महापौर मालती राय के कार्यकाल में न सिर्फ स्लॉटर हाउस शुरू हुआ, बल्कि यहां से निकले मांस में गोमांस की पुष्टि भी हो गई. इसके बाद से राजनीतिक हलकों में नाराजगी खुलकर सामने आ रही है. मंत्री विश्वास सारंग और विधायक रामेश्वर शर्मा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कह चुके हैं.
नगर निगम परिषद बैठक में हुआ हंगामा
मंगलवार को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ और विपक्ष ने एमआईसी तथा मेयर से इस्तीफे की मांग करते हुए वॉकआउट भी किया. नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि अदालत से स्टे होने के बावजूद एमआईसी ने बैठक में स्लॉटर हाउस शुरू करने पर सहमति दे दी, जो धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ है.
वहीं महापौर मालती राय का कहना है कि स्लॉटर हाउस के टेंडर की अनुमति उनकी एमआईसी ने नहीं बल्कि उस समय दी गई थी जब नगर निगम प्रशासक के अधीन था. उन्होंने कहा कि वेटनरी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और इसमें शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा.
प्रशासन की भूमिका पर खड़े हुए सवाल
जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस से गोमांस के बाहर भेजे जाने को लेकर नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी अनुमति पत्र सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर सीधा सवाल खड़ा हो गया है. यह भी सामने आया है कि स्लॉटर हाउस को शुरू करने की अनुमति एमआईसी ने दी थी और यह प्रस्ताव परिषद में पेश ही नहीं किया गया. इसी वजह से कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा के पार्षद भी नाराज हैं और संभागायुक्त संजीव सिंह ने वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर को सस्पेंड कर दिया है.