Indore: इंदौर में जमीन अधिग्रहण में अटकी योजना, 3 साल बाद भी नहीं शुरू हुआ शहर के बायपास का काम

Indore News: इंदौर के बहुप्रतीक्षित पश्चिमी बायपास का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है, जबकि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तीन साल पहले इस परियोजना को मंजूरी दी थी.
Indore Bypass

इंदौर बायपास

Indore News: इंदौर के बहुप्रतीक्षित पश्चिमी बायपास का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है, जबकि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तीन साल पहले इस परियोजना को मंजूरी दी थी. करीब 70 किलोमीटर लंबे इस बायपास के लिए 25 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है, लेकिन अब तक सिर्फ पांच गांवों की जमीन ही प्रशासन के कब्जे में आ पाई है. जमीन अधिग्रहण में हो रही इस देरी के कारण परियोजना की शुरुआत लगातार टलती जा रही है. योजना है कि यह सड़क सिंहस्थ से पहले तैयार हो जाए, ताकि दूसरे राज्यों से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को शहर के ट्रैफिक से जूझना न पड़े.

महू और पीथमपुर को जोड़ेगा बायपास

प्रस्तावित पश्चिमी बायपास डकाच्या गांव से होते हुए महू और पीथमपुर को जोड़ेगा. इसके बनने से महू, पीथमपुर और देवास के ग्रामीण इलाकों की इंदौर से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आसपास के क्षेत्रों में बसाहट बढ़ने की संभावना है. करीब चार हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए कुल 1131 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिसमें 40 हेक्टेयर वन विभाग की जमीन भी शामिल है.

38 गांवों से होकर गुजरेगा बायपास

इसी के साथ प्रस्तावित पूर्वी बायपास 38 गांवों से होकर गुजरेगा और इसे छह लेन में बनाया जाएगा. करीब दस साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नए पूर्वी बायपास का सर्वे किया था, लेकिन बाद में पुराने बायपास को चार लेन से छह लेन करने का काम शुरू होने से नई परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई थी.

सांसद ने कहा देवास, महू और पीथमपुर को इसका फायदा मिलेगा

इंदौर के सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि जहां-जहां जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, वहां निर्माण शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं. उनके मुताबिक, इस बायपास के बनने से देवास, महू और पीथमपुर को भी सीधा फायदा मिलेगा.

बायपास के बाद रियल एस्‍टेट गतिविधियां बढ़ेंगी

पश्चिमी बायपास बनने के बाद शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है. साथ ही आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट गतिविधियां बढ़ेंगी, नई टाउनशिप और उद्योग स्थापित हो सकेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों का व्यवस्थित विकास संभव होगा. दिल्ली और मुंबई की ओर जाने वाले वाहन इंदौर शहर में प्रवेश किए बिना सीधे बायपास से देवास और मानपुर की ओर निकल सकेंगे, जिससे मौजूदा पूर्वी बायपास पर भी ट्रैफिक का बोझ घटेगा.

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