इंदौर नगर निगम वंदे मातरम विवाद मामला, कांग्रेस पार्षदों की देवास में हुई सीक्रेट मीटिंग
देवास: कांग्रेस पार्षदों की हुई सीक्रेट मीटिंग
MP News (देवास से अमित शर्मा की रिपोर्ट): इंदौर नगर निगम में बजट सत्र के दौरान हुआ वंदे मातरम विवाद अब सियासी से ज्यादा कानूनी रूप ले चुका है. राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार करने वाली दो महिला पार्षदों पर FIR दर्ज होने के बाद अब कांग्रेस संगठन ने भी सख्ती दिखाई है. इसी सिलसिले में आज देवास में एक हाई-प्रोफाइल गुप्त बैठक बुलाई गई.
विशेष जांच कमेटी गठित
इंदौर नगर निगम के 8 अप्रैल के बजट सत्र में धार्मिक कारणों का हवाला देकर ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार करने वाली पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान की मुश्किलें अब चौतरफा बढ़ गई हैं. भाजपा पार्षदों के भारी हंगामे और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर इंदौर पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. इस बीच, कांग्रेस आलाकमान ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के निर्देश पर एक विशेष जांच कमेटी गठित की है.
बैठक में दिग्गज नेता शामिल हुए
आज देवास में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम के निजी स्कूल में आयोजित एक गुप्त बैठक में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव उषा नायडू और प्रदेश सह-प्रभारी संजय दत्त ने दोनों आरोपी पार्षदों को तलब किया. यहां घंटों चली ‘वन-टू-वन’ चर्चा में पार्षदों से इस पूरे बवाल पर लिखित और मौखिक सफाई मांगी गई. बैठक में इंदौर शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे और केके मिश्रा जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद रहे.
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हालांकि, इस अहम सुनवाई के बाद बाहर निकले किसी भी नेता या पार्षद ने मीडिया के तीखे सवालों का जवाब नहीं दिया और सभी खामोशी से रवाना हो गए. अब सबकी निगाहें कमेटी की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो एक हफ्ते के भीतर आलाकमान को सौंपी जाएगी. अब देखना यह होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बन चुके इस विवाद में कांग्रेस अपने पार्षदों पर कोई बड़ी कार्रवाई करती है या फिर उन्हें कानूनी राहत दिलाने के लिए संगठन साथ खड़ा होता है.