MP News: बड़वानी में करोड़ों खर्च के बाद भी सूखे पड़े नल, बिजासन के 2100 ग्रामीण आज भी पानी को मोहताज
बड़वानी में पानी की दिक्कत
रिपोर्ट – सचिन राठौर
MP News: बड़वानी जिला मुख्यालय से महज 17 किलोमीटर दूर नर्मदा किनारे स्थित ग्राम पंचायत बिजासन में करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद नल-जल योजना अधूरी पड़ी है. तीन साल बीत जाने के बाद भी गांव की 2100 की आबादी को अपने घरों में नल से पानी नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीण आज भी पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं.
घरों में कनेक्शन, लेकिन पानी नहीं
योजना के तहत घरों में नल कनेक्शन तो कर दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता. ग्रामीण लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन तीन साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. गांव के लोग आज भी हैंडपंप और ट्यूबवेल पर निर्भर हैं.
हैंडपंप और ट्यूबवेल भी अक्सर हो जाते हैं खराब
ग्रामीण सुनीता बाई ने बताया कि पंचायत के ट्यूबवेल और हैंडपंप भी अक्सर खराब हो जाते हैं, जिससे पानी की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है. उन्होंने कहा, ‘जब नल-जल योजना की पाइपलाइन डाली गई थी, तब हमें आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही घर-घर शुद्ध जल मिलेगा, लेकिन आज भी हम ट्यूबवेल और हैंडपंप के भरोसे हैं.’
महिलाओं को खरीदना पड़ रहा है पानी
ग्रामीण संतोषी बाई और तारा बाई सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि उन्हें न तो नल-जल योजना का लाभ मिल पा रहा है और न ही समय पर पानी मिलता है. मजबूरी में उन्हें खेतों में लगे ट्यूबवेल से ₹400 प्रति माह की दर से पानी खरीदना पड़ रहा है. लगभग 10 से 15 परिवार इसी तरह पानी खरीदकर गुजारा कर रहे हैं. यह पानी भी कभी एक घंटा तो कभी आधा घंटा ही मिलता है, और बिजली गुल होने पर दो-दो दिन तक पानी के लिए इंतजार करना पड़ता है.
ग्रामीणों ने की जल्द समाधान की मांग
ग्रामीण कमल प्रजापत ने सरकार से मांग की है कि नल-जल योजना के अंतर्गत डाली गई पाइपलाइन और किए गए कनेक्शनों के माध्यम से जल्द से जल्द ग्रामीणों को पीने योग्य पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोगों को वर्षों से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सके.
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