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आयुष्मान योजना से बाहर हुए MP के 65 अस्पताल, इंदौर के 19 हॉस्पिटल पर गिरी गाज

Ayushman Card (File photo)

आयुष्‍मान कार्ड (फाइल फोटो)

MP News:मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए अहम खबर है. राज्य सरकार ने नियमों में लापरवाही बरतने वाले 65 अस्पतालों को योजना से बाहर करने का फैसला किया है. इनमें इंदौर के 19 अस्पताल भी शामिल हैं. इस फैसले के बाद इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिल सकेगी.

कमेटी की बैठक में अस्पतालों पर लिया गया एक्शन

अस्पतालों को योजना से हटाने का निर्णय 8 अक्टूबर को दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद की राज्य इम्पैनलमेंट कमेटी की बैठक में लिया गया. जांच में सामने आई कमियों और निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने के आधार पर यह कदम उठाया गया है. कुछ अस्पताल तय समय में आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज नहीं कर रहे थे, जबकि कई संस्थान जरूरी मान्यता संबंधी शर्तों को पूरा नहीं कर पाए.

मान्यता की शर्तें पूरी नहीं करने पर 60 अस्पतालों की संबद्धता खत्म

कुल 65 अस्पतालों में से 60 के खिलाफ राष्ट्रीय अस्पताल प्रत्यायन बोर्ड (NABH) की मान्यता से जुड़ी अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं करने के कारण कार्रवाई की गई है. इस सूची में इंदौर के साथ भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और दूसरे जिलों के अस्पताल भी शामिल हैं.

इंदौर के इन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई

इंदौर के जिन अस्पतालों के नाम कार्रवाई की सूची में बताए गए हैं, वे इस प्रकार हैं.

पांच अस्पतालों पर भी गिरी गाज

कार्रवाई की दूसरी श्रेणी में पांच ऐसे अस्पताल हैं, जहां पिछले छह महीनों से आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को उपचार नहीं दिया गया. इसी वजह से इन्हें भी योजना से अलग करने का निर्णय लिया गया है.

आयुष्मान योजना के नियमों पर सख्ती

सरकार की इस कार्रवाई का मकसद योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही रोकना और अस्पतालों को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाना है. आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों को तय पात्रता, उपचार संबंधी दायित्वों और मान्यता के नियमों का पालन करना होता है. इन शर्तों को पूरा नहीं करने पर अस्पतालों को योजना से बाहर किया जा सकता है.

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