‘आकांक्षी युवा’ के बाद अब ‘तरुण भारत’ की एंट्री! नरेंद्र सिंह तोमर ने ‘जेन जी’ के लिए सुझाया शब्द

Narendra Singh Tomar Tarun Bharat: युवा पीढ़ी 'जेन जी' के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इन्हें 'तरुण भारत' नाम दिया है. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में युवा पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है. टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और दुनिया की इकोनॉमी में भारत के युवा अपनी अलग पहचान बना रहे हैं.
Narendra Singh Tomar

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

MP Tarun Bharat Instead Of Gen-Z: मध्य प्रदेश सरकार ने रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं को बेरोजगार की जगह ‘आकांक्षी युवा’ नाम दिया था. अब युवा पीढ़ी ‘जेन जी’ के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इन्हें ‘तरुण भारत’ नाम दिया है. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में युवा पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है. टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और दुनिया की इकोनॉमी में भारत के युवा अपनी अलग पहचान बना रहे हैं.

नरेंद्र सिंह तोमर ने क्या कहा?

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इंदौर के प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारिता महोत्सव में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि आज हर तरफ जेन-जी की चर्चा हो रही है. इसके लिए भारतीय संदर्भ में बेहतर शब्द तरुण भारत लगता है. इसके साथ ही नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नई पीढ़ी मात्र उम्र से ही युवा नहीं है बल्कि ये नए प्रयोग कर रही है, नए विचार ला रही है. आने वाले समय में देश की जिम्मेदारी संभालने वाली है. वर्तमान समय पीढ़ी बदलने का दौर है. पुरानी पीढ़ी को अपना नजरिया बड़ा करना होगा और नई पीढ़ी का स्वागत करना होगा.

नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में मुगल शासकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसी भी संस्कृतियां रही हैं जिनमें बेटा साम्राज्य पाने के लिए अपने पिता को ही कैद कर लेता था. आगे कहा कि कुछ लोग जनता को गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं. इसके बावजूद मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश के युवाओं ने पिछले 10 से 15 सालों में पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रयोग किए हैं. युवाओं की इस उपलब्धि पर हम जितना गर्व करें, वह कम होगा.

ये भी पढ़ें: ‘दादा ने मेरे साथ गलत किया…’, इंदौर में पोती ने क्रिकेट बैट से की 75 साल के दादा की हत्या, जानें क्या है मामला

कौन हैं जेन-जी?

साल 1996 से 2012 के बीच जन्मे लोगों को जेन-जी (Gen-Z) कहा जाता है. ये पीढ़ी इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बीच पली-बढ़ी है. डिजिटल नेटिव्स कहा जाता है.

ज़रूर पढ़ें