Indore: कांग्रेस के भीतर छिड़ी स्‍लीपर सेल की बहस, राहुल गांधी की लाइन पर सज्जन वर्मा, बोले- पार्टी को अंदर बैठे लोग ही कर रहे कमजोर

Indore News: पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पार्टी के अंदर मौजूद कथित 'स्लीपर सेल' को कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है.
Former Minister Sajjan Singh Verma

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा

Indore News: मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के भीतर उठी ‘स्लीपर सेल’ की बहस अब खुलकर सामने आ गई है. पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पार्टी के अंदर मौजूद कथित ‘स्लीपर सेल’ को कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान वर्मा ने साफ कहा कि कांग्रेस को बाहर से कम, अंदर बैठे उन लोगों से ज्यादा खतरा है, जो पार्टी में रहकर उसके हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं.

राहुल गांधी की चिंता का किया समर्थन

सज्जन वर्मा ने इस मुद्दे पर Rahul Gandhi की चिंताओं का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सक्रिय ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना जरूरी है. उनका कहना था कि जब तक कांग्रेस अपने संगठन के भीतर छिपे “स्लीपर सेल” की पहचान नहीं करेगी, तब तक संगठन को मजबूत करने की कोशिशें अधूरी रहेंगी.

देवास प्रशिक्षण शिविर का किया जिक्र

वर्मा ने यह भी बताया कि देवास में आयोजित कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में भी इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई थी. उनका दावा है कि पार्टी नेतृत्व भी इस चुनौती को समझ रहा है और संगठन को भीतर से कमजोर करने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं.

बयान से तेज हुई सियासी हलचल

सज्जन वर्मा के इस बयान ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल संगठनात्मक चिंता नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रहे शक्ति संतुलन और गुटबाजी की ओर भी इशारा करता है. वहीं, भाजपा को कांग्रेस पर हमला बोलने का एक नया मुद्दा मिल सकता है. विपक्ष पहले से ही कांग्रेस पर अंदरूनी कलह के आरोप लगाता रहा है और अब पार्टी के वरिष्ठ नेता का यह बयान उन आरोपों को और हवा दे सकता है.

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इतना तय है कि “स्लीपर सेल” की यह बहस आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकती है. सवाल यह भी है कि क्या कांग्रेस वास्तव में ऐसे कथित तत्वों की पहचान कर उन्हें संगठन से बाहर करेगी, या फिर यह मुद्दा केवल बयानबाजी तक ही सीमित रहेगा.

आने वाले दिनों में बढ़ सकती है सियासी गर्मी

फिलहाल, सज्जन सिंह वर्मा के इस बयान ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि कांग्रेस की लड़ाई अब केवल भाजपा से नहीं, बल्कि अपने ही संगठन के भीतर मौजूद कथित विरोधी तत्वों से भी है. ऐसे में मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीति आने वाले दिनों में और अधिक गर्माने के संकेत मिल रहे हैं.

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