इंदौर में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन, सड़कों पर फैला कचरा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक को बताई समस्‍या

Indore News: स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर में बुधवार को हालात कुछ बदले नजर आए. शहर की कुछ सड़कों पर गीला और सूखा कचरा फैला दिखा.
Sanitation workers' protest in Indore

इंदौर में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन

Indore News: स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर में बुधवार को हालात कुछ बदले नजर आए. शहर की कुछ सड़कों पर गीला और सूखा कचरा फैला दिखा, वहीं अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी प्रदर्शन करने सड़कों पर उतर आए.

विजय नगर चौराहे के पास आईडीए ग्राउंड में भाजपा की ‘सेवा ज्योति संकल्प यात्रा’ का आयोजन था. इसी दौरान सफाई कर्मचारी यहां पहुंच गए. वे मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन उनके कार्यक्रम में नहीं आने की जानकारी के बाद कर्मचारियों ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की मांग रखी.

बैरिकेड के पीछे किया प्रदर्शन

पुलिस ने कर्मचारियों को आयोजन स्थल में जाने से रोक दिया. कर्मचारी करीब दो घंटे तक रस्सी और बैरिकेड के पीछे खड़े रहे और नारेबाजी करते हुए मंत्री का इंतजार किया. कार्यक्रम खत्म होने पर कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला समेत जनप्रतिनिधि बाहर निकले, तो कर्मचारियों ने उन्हें घेरकर अपनी समस्याएं बताईं.

सांसद लालवानी ने दिया आश्वासन

सांसद शंकर लालवानी को भी कर्मचारियों ने रास्ते में रोक लिया. उन्होंने अपनी समस्याएं बताते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग की. लालवानी ने पांच कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल बनाने को कहा और मुख्यमंत्री से उनकी मांगों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया. शहर में कचरा फैलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए.

10 हजार रुपये वेतन में परिवार चलाना मुश्किल

वाल्मीकि सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर संतोष कल्याणे ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगें करीब 23 वर्षों से लंबित हैं. उन्होंने बताया कि कर्मचारी कई बार आंदोलन, भूख हड़ताल और ज्ञापन दे चुके हैं. उनका कहना है कि 10 हजार रुपये के वेतन में परिवार और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल है. उन्होंने मांगें नहीं माने जाने पर गुरुवार से कचरा गाड़ियों को रोकने की चेतावनी दी.

महिला कर्मचारियों ने भी उठाई आवाज

सफाई मित्र कृष्णा बाई डागर ने नियमित किए जाने की मांग की. रेखा बाई ने कहा कि 10,500 रुपये में घर चलाना मुश्किल है और वे सुबह पांच बजे काम पर निकलती हैं. संगीता सोलंकी ने वेतन बढ़ाने और कर्मचारियों को नियमित करने की मांग रखी.

विवाद के बाद महिला को थाने ले गई पुलिस

प्रदर्शन के दौरान एक महिला की टिप्पणी को लेकर सफाई कर्मचारियों से विवाद हो गया. कर्मचारियों ने महिला को घेर लिया. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने महिला को थाने पहुंचाया. माया पथरोड ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर साफ करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा.

सड़कों पर दिखा कचरा

प्रदर्शन के बीच इंडस्ट्री हाउस से जंजीरवाला चौराहे की ओर जाने वाली सड़क के कुछ हिस्सों में गीला-सूखा कचरा फैला दिखाई दिया. इससे लोगों को परेशानी हुई. कर्मचारियों ने कहा कि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा.

ये भी पढे़ं- Indore: भारत के सबसे साफ शहर को लगी कचरे की नजर! सफाई कर्मियों की हड़ताल से पसरी गंदगी, लोग हुए परेशान

ज़रूर पढ़ें