धार में टंट्या मामा की प्रतिमा खंडित, आदिवासी समाज में आक्रोश, विधायक ग्रेवाल के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन
टंट्या मामा की प्रतिमा खंडित होने के बाद विधायक के नेतृत्व में आदिवासी समाज ने एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा.
Input- जफर अली
Dhar News: धार जिले के सरदारपुर तहसील के ग्राम जौलाना में आदिवासी क्रांतिकारी जननायक टंट्या मामा (टंट्या भील) की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित करने की घटना सामने आई है. घटना के बाद पूरे क्षेत्र के आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया है. आदिवासियों ने सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा.
क्या है पूरा मामला?
29 जून 2026 को ग्राम जोलाना स्थित टंट्या मामा की मूर्ति को जानबूझकर खंडित किया गया. घटना की जानकारी लगते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आदिवासी समाज के लोग सरदारपुर थाने पहुंचे.
सर्व आदिवासी समाज ने सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में एसडीओपी विश्वदीपसिंह परिहार को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई कि घटना की निष्पक्ष जांच कर 24 घंटे के अंदर दोषियों पर FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए.
तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा, ‘टंट्या मामा केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक हैं. इस कृत्य से आदिवासी समाज की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है. यह समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास है. प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय करे.’
ज्ञापन का वाचन जीवन गिरवाल ने किया. इस मौके पर ब्रजेश ग्रेवाल, बालूसिंह बारिया, भारत सिंह खराड़ी सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. एसडीओपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है
कौन थे टंट्या मामा?
टंट्या भील को भारतीय रॉबिनहुड कहा जाता है. उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष किया और गरीबों-असहायों की मदद की. मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में उन्हें भगवान की तरह पूजा जाता है.
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