Dewas: सालों तक खेतों में साथ निभाने वाले बैल की मौत, किसान ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से किया अंतिम संस्कार
बैल के निधन पर कराया भोज
MP News: देवास जिले के ग्राम बालोन में पशु प्रेम की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली. यहां एक किसान परिवार ने वर्षों तक खेतों में मेहनत करने वाले अपने बैल के निधन के बाद उसका अंतिम संस्कार वैदिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया. इतना ही नहीं, बैल की स्मृति में नुक्ता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों को आमंत्रित किया गया.
वर्षों तक परिवार का हिस्सा रहा बैल
बताया गया कि यह बैल लंबे समय तक किसान परिवार के साथ रहकर खेतों में कृषि कार्य में सहयोग करता रहा. परिवार के लिए वह महज एक पशु नहीं, बल्कि वर्षों से परिवार का हिस्सा बन चुका था. उसके निधन के बाद परिवार ने उसे पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का निर्णय लिया.
वैदिक रीति-रिवाजों से किया अंतिम संस्कार
आमतौर पर किसी व्यक्ति के निधन पर परिवार द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार और बाद में सामाजिक परंपराओं का निर्वहन किया जाता है. लेकिन बालोन गांव में एक पशु के प्रति परिवार का यह सम्मान और लगाव लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है.
पशु प्रेम और भावनात्मक रिश्ते की मिसाल
ग्रामीणों का कहना है कि पशु किसानों के जीवन और खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं. बैल वर्षों तक खेतों में किसान का साथी बनकर मेहनत करता है. ऐसे में उसके प्रति कृतज्ञता और संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार द्वारा किया गया यह प्रयास पशु प्रेम और इंसान-पशु के भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है.
ये भी पढे़ं- Sickle Cell MP: क्या है सिकल सेल? एमपी में तेजी से बढ़ रहे मरीज, मिले 40,741 केस