आजादी के बाद पहली बार धार पहुंची ट्रेन! PM मोदी ने जोबट-टांडा रोड रेलवे ट्रैक का किया लोकार्पण

Tanda Road Jobat Rail Section: पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली छोटा उदयपुर-धार रेल सेक्शन पर बने टांडा रोड रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया. टांडा रोड और वडोदरा के प्रताप नगर के बीच मेमू ट्रेन भी शुरू हुई है, जो आलीराजपुर होकर चलेगी.
Train service resumes from Dhar after 78 years Tanda-Pratapnagar MEMU PM Modi inaugurated

पीएम मोदी ने टांडा रोड-जोबट रेलवे ट्रैक का किया लोकार्पण

Tanda Road Jobat Rail Section: मध्य प्रदेश के धार जिले के लिए मंगलवार (8 सितंबर) का दिन ऐतिहासिक हो गया है. भारत की आजादी के 78 साल बाद जिला रेलवे के नक्शे से जुड़ गया. बरसों से इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशी भरा पल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली छोटा उदयपुर-धार रेल सेक्शन पर बने टांडा रोड रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया.

टांडा रोड-प्रतापनगर के बीच ट्रेन

मध्य प्रदेश के धार और गुजरात के छोटा उदयपुर के बीच रेल परियोजना के अंतर्गत जोबट-टांडा रोड रेलखंड का पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया. इस सेक्शन की कुल लंबाई 28 किमी है. टांडा रोड धार में स्थित रेलवे स्टेशन है, जो मुख्यालय से 70 किमी दूर है. वहीं, जोबट आलीराजपुर जिले में है. इसके साथ ही टांडा रोड और वडोदरा के प्रताप नगर के बीच मेमू ट्रेन भी शुरू हुई है, जो आलीराजपुर होकर चलेगी. इस मौके पर धार सांसद सावित्री ठाकुर ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया.

छात्रों से लेकर व्यापारियों के लिए सुविधा

टांडा रोड स्टेशन शुरू होने से धार, कुक्षी, टांडा, पेटलावद के आदिवासी किसानों, छात्रों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा. इसके साथ ही धार जिला गुजरात से रेल मार्ग से जुड़ गया है. अब तक इंदौर-रतलाम जाने के लिए बसों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब सस्ती और सुरक्षित रेल सुविधा मिलेगी.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने रखी थी आधारशिला

लंबे इंतजार के बाद ट्रेन का सपना साकार हुआ है. करीब 18 साल पहले 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इस रेल परियोजना की आधारशिला रखी थी. अब ये परियोजना धरातल पर उतरी है. धार-छोटा उदयपुर रेल प्रोजेक्ट का उद्देश्य दोनों राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों को जोड़ना है.

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अब धार शहर की बारी!

धार जिले तक ट्रेन चलाने के लिए लोगों ने लंबा संघर्ष किया है. अब 78 साल बाद जिले की दहलीज तक ट्रेन पहुंच गई है. अब धार शहर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की चुनौती है. इससे ना सिर्फ लाखों लोगों का एक जगह से दूसरे जगह ट्रेन से जाने सपना साकार होगा बल्कि सफर भी आसान हो जाएगा.

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