धार में पानी के लिए कलेक्टर ऑफिस पहुंची महिलाएं, गांव में पेयजल संकट, कहा- 200 रुपये वसूलने के बाद भी राहत नहीं

पंचायत की ओर से मोटर खराब होने का कारण बताया जा रहा है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के पास कई मोटर उपलब्ध हैं.
Women appealed to the Collector's office regarding the water problem.

पानी की समस्या को लेकर महिलाओं ने कलेक्टर ऑफिस पर गुहार लगाई.

Input- जफर अली

MP News: धार जिले की लेबड़ ग्राम पंचायत में पेयजल संकट ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है. एक महीने से पानी नहीं मिलने से परेशान महिलाएं आज कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचीं और पंचायत के सरपंच-सचिव पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए.

200 रुपये वसूलने के बाद भी नहीं मिलता पानी

धार जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम लेबड़ की महिलाओं ने कलेक्टर राजीव रंजन मीना को आवेदन सौंपकर बताया कि पंचायत पिछले एक महीने से पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध नहीं करा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि हर महीने 200 रुपये पेयजल शुल्क वसूला जाता है, लेकिन पानी नहीं मिल रहा. पंचायत की ओर से मोटर खराब होने का कारण बताया जा रहा है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के पास कई मोटर उपलब्ध हैं.

कलेक्टर ने महिलाओं को दिया आश्वासन

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि कई बार सरपंच और सचिव से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. मजबूरी में उन्हें दूर-दूर से पानी लाकर परिवार की प्यास बुझानी पड़ रही है. महिलाओं ने जनसुनवाई में कार्रवाई और जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की.

कलेक्टर ने महिलाओं को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है. अब सवाल यह है कि जब ग्रामीणों से नियमित पेयजल शुल्क वसूला जा रहा है, तो आखिर एक महीने से गांव प्यासा क्यों है? ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है.

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