Balaghat: बैगा बाहुल्य बोंदारी पहुंचे CM मोहन यादव, मलेरिया से जूझ रहे परिवारों से की मुलाकात, कई बच्चों की हुई है मौत
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Balaghat Breaking: एमपी के बालाघाट से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है. दरअसल, बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बैगा बाहुल्य ग्राम बोंदारी पहुंचे. यहां उन्होंने मलेरिया, मीजल्स संक्रमण और पोषण की समस्या से जूझ रहे परिवारों से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि बीमारी की चपेट में आने से कई बच्चों की मौतें भी हो चुकी हैं. अडोरी, घुम्मुर और मछूरदा पंचायत के अंतर्गत 11 से अधिक गांव इस बीमारी से प्रभावित हैं. बीमारी से अब तक 10 बच्चों की मौत हो चुकी है.
पीड़ित परिवारों से कर रहे मुलाकात
बता दें मध्यप्रदेश के बालाघाट में स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्थाओं में कमी के कारण बैगा समाज पिछले कई दिनों से आक्रोश में है. इसी को लेकर अब मोहन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सीएम आज बैगा बाहुल्य ग्राम बोंदारी पहुंचे. सीएम ने मलेरिया, मीजल्स संक्रमण और पोषण की समस्या से जूझ रहे परिवारों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री रीब एक घंटे तक गांव में रहेंगे और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लेंगे.
बीमारी के चपेट में आने से कई बच्चों की मौत
मलेरिया, मीजल्स संक्रमण और पोषण की समस्या से अबतक कई बच्चों की मौत हो चुकी है. इसके आंकड़े 10 तक चले गए हैं. दरअसल, बैगा क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में मैनपावर नहीं है जिनके द्वारा घर घऱ जाकर सही काम किया सके.बैगाटोला के ग्रामीण बताते हैं कि उनके गांव में दो साल से मलेरिया की दवा नहीं बंटीं. आंगनवाड़ी केंद्रों में बंटने वाले भोजन की गुणवत्ता की में भी कमी पाई गई है. वहीं, कई जगह पाइपलाइन आज तक नहीं बिछी. ऐसा हाल कई जगहों का है.
नक्सल मुक्त होने के बाद मुख्यमंत्री का पहला दौरा
गौरतलब है कि, बालाघाट के नक्सलमुक्त होने के बाद मुख्यमंत्री का इस क्षेत्र में पहला दौरा है. उम्मीद लाई जा रही है कि, स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर क्षेत्र को बड़ी सौगात मिल सकती है. वहीं, पिछले कुछ दिनों से बिरसा, बैहर सहित जिला मुख्यालय में लोग प्रदर्शन और धरना दे रहे हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी, डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे की मांग के साथ अब दोषी अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लेने की मांग जोर पकड़ रही है.
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