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MP News: तीन तलाक देने वाले मुस्लिम पति को हाई कोर्ट से झटका, FIR रद्द करने से अदालत का इनकार

MP High Court

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट

MP News: जबलपुर हाई कोर्ट ने तीन तलाक मामले में दायर एक याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने तीन तलाक निषेध कानून की एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया है. पूरे मामले में कोर्ट ने कहा कि सबुतों की जांच ट्रायल कोर्ट में की जाएगी.

तीन तलाक को लेकर सूफियान खान के खिलाफ अपराधिक मामला राजधानी भोपाल के महिला थाने में दर्ज किया गया था. इसके बाद सूफियान ने आरोपों को झूठा बताकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में शादी के बाद रहने की जगह को पत्नी से विवाद का करण बताया गया था. सुफियान का निकाह 29 जुलाई 2021 को भोपाल में नियाज से हुआ था.

2023 में महिला थाने में दर्ज हुई थी FIR

शादी के बाद घरेलू विवाद में पत्नी की शिकायत पर साल 2023 में महिला थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. इस मामले में आईपीसीकी धारा 498-ए, 377, 354, 506 सहपठित धारा 34, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी.

पति ने आरोपों को झूठा बताया

इन आरोपों के बाद पति की तरफ से सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा गया था कि रहने की जगह को लेकर विवाद हुआ था. इस पूरे मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य की तरफ से पैनल अधिवक्ता विजय कुमार शुक्ला और पत्नी की ओर से अध‍िवक्ता नईम खान ने पक्षा रखा था.

ट्रायल कोर्ट में होगी साक्ष्‍यों की जांच

हाई कोर्ट में दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्‍यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने कहा कि आरोपों की सच्‍चाई और इससे जुड़े साक्ष्‍यों का परीक्षण ट्रायल कोर्ट में किया जाएगा. वहीं कोर्ट ने पत्नी को कथित तौर पर तीन तलाक देने, दहेज मांगने और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों के चलते पति और अन्य आरोपितों के खिलाफ दर्ज की गई एफआइआर को निरस्त करने से इनकार कर दिया.

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