रिश्वतखोर अधिकारियों पर EOW की कार्रवाई, 10 लाख के भुगतान के बदले मांगी थी घूस; जबलपुर में शक्ति भवन में रंगेहाथ पकड़े गए
जबलपुर में रिश्वतखोर अधिकारियों पर EOW की कार्रवाई.
MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एडिशनल चीफ इंजीनियर और कार्यपालन यंत्री रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए. मध्य प्रदेश के बिजली मुख्यालय शक्ति भवन में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है. एक ठेकेदार ने दोनों अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था. जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने एडिशनल चीफ इंजीनयर प्रहलाद मर्सकोले को 10 हजार और कार्यपालन यंत्री को 15 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथों पकड़ लिया.
10 लाख के बिल के भुगतान के बदले मांगी थी घूस
ठेकेदार अशोक कुमार द्विवेदी की शिकायत पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से शिकायत की थी. ठेकेदार ने बताया था कि कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील में जूनियर इंजीनियर कार्यालय भवन के निर्माण के बदले में 10 लाख का बिल लगाया था. जिसके बदले में दोनों अधिकारियों ने 50 हजार रुपये की घूस मांगी थी. शिकायतकर्ता के मुताबिक इसमें कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर मेहरा ने 20 हजार और अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रहलाद मर्सकोले ने 30 हजार की रिश्वत मांगी थी. जिसके बाद ईओडब्ल्यू की टीम योजना बनाकर मौके पर पहुंची और दोनों अधिकारियों को रंगेहाथों दबोच लिया.
EOW ने दर्ज किया मामला
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 (ए) के तहत केस दर्ज किया है. फिलहाल टीम पूरे मामले पर विस्तृत रूप से जांच कर रही है. आरोपियों से ये भी पूछताछ की जा रही है कि इससे पहले उन्होंने किन-किन लोगों से रिश्वत ली थी.