देश में चमका MP का डिंडौरी, ‘पीएम धन-धान्य योजना’ में हासिल किया पहला स्थान, कृषि विकास में बनाया नया रिकार्ड

PM Dhan Dhanya Yojana Dindori: जनसंपर्क अधिकारी पुष्पराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के तहत देश भर में कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना के माध्यम से किसान की आय में वृद्धि, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और कृषि से संबंधित आधुनिक तकनीक के बढ़ावे पर जोर दिया जा रहा है.

पीएम धन-धान्य योजना में डिंडौरी नंबर-1

Dindori Tops Dhan Dhaanya Yojana: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले ने एक नया कीर्तिमान हासिल किया है. ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ के क्रियान्वयन में देश के 100 चयनित जिलों में, जुलाई महीने में इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है. डिंडोरी जिले की इस उपलब्धि से न केवल जिले का नाम रोशन हुआ है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश को भी एक अलग और नई पहचान मिली है. जिले के अलग-अलग विभागों ने मिलकर 36 योजनाओं को बहुत अच्छे से लागू किया, जिससे यह कामयाबी मिली.

डिंडौरी ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया

जनसंपर्क अधिकारी पुष्पराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के तहत देश भर में कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना के माध्यम से किसान की आय में वृद्धि, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और कृषि से संबंधित आधुनिक तकनीक के बढ़ावे पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने आगे बताया कि यही वजह है कि इस योजना को सही तरीके से लागू करने से डिंडौरी जिले ने देश भर में प्रथम रैंक हासिल की है.

डिंडौरी कलेक्टर ने दी बधाई

वहीं डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने ‘पीएम धन-धान्य योजना’ के तहत देश के 100 चयनित जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर योजना से संबधित विभागों, अधिकारियों और कर्मचारियों सहित जिले के सभी किसानों को बधाई दी. इसके अलावा, जिला कलेक्टर ने सभी विभागों, अधिकारियों-कर्मचारियों और किसानों से आगामी योजनाओं का लाभ भी इसी तरह सुनिश्चित करने के लिए कहा है.

डिंडौरी को देश भर में मिली नई पहचान

जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि डिंडौरी जिले में कृषि का बहुत अधिक महत्व है. यहां की पूरी अर्थव्यवस्था ग्रामीण आजीविका और वनोपज पर टिकी हुई है. उन्होंने कहा कि जिले में प्राकृतिक और जैविक खेती के साथ-साथ मिलेट्स के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जिले में करीब 34 हजार 70 हेक्टेयर भूमि पर सिर्फ कोदो और कुटकी की खेती की जा रही है, जिससे 52 हजार से अधिक कृषक परिवार और कृषक उत्पादक संगठन जुड़े हुए हैं.

कोदो और कुटकी की अत्यधिक उपज और इसकी खास गुणवत्ता की वजह से ही जिले को ‘जीआई टैग’ (GI Tag) मिला है. यही कारण है कि डिंडौरी जिले ने आज देश भर में अपनी एक अलग और अनूठी पहचान बनाई है.

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अच्छे सुशासन से चमका डिंडौरी जिला

जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि जिले को यह बड़ी कामयाबी अच्छे सुशासन और कई विभागों के आपसी तालमेल से मिली है. जिला प्रशासन ने कसानों को ट्रेनिग देने, ‘पीएम किसान’ के तहत लोन बांटने, सोसायटियों के डिजिटलीकरण और किसानों की शिकायतों का समय पर निपटारा करने जैसे कई मामलों पर बेहतरीन काम किया है. इसके साथ ही पशुपालन, बागवानी, ग्रामीण कौशल योजना और खेती से जुड़े दूसरे सरकारी कामों को जमीन पर सही ढंग से लागू करने की वजह से ही डिंडौरी जिला देश में नंबर वन बना है.

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