ASI Reverted To Constable: मध्य प्रदेश के सागर से अजब-गजब मामला सामने आया है. जहां पुलिसकर्मियों को प्रमोशन करने की जगह उनका डिमोशन कर दिया. ASI को प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक को कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात कर दिया गया. अपना नाम डिमोशन में देखकर पुलिसकर्मियों में चिंता, मायूसी और गुस्सा का माहौल है. वहीं, कुछ कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन अपने अधिकारियों को भेज दिया है.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस विभाग ने रविवार (12 जुलाई 2026) को 422 पुलिसकर्मियों के प्रमोशन की लिस्ट जारी की गई. जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी इस सूची में 60 ऐसे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं जिनके नाम शामिल नहीं हैं. इससे पुलिसकर्मियों में नाराजगी देखने को मिल रही है. पदोन्नति की बाट जोह रहे प्रधान आरक्षकों को अब आरक्षक बना दिया गया है. ये सभी पिछले 5 सालों से प्रधान आरक्षक की जिम्मेदारी निभा रहे थे.
अनियमितता और भेदभाव के आरोप
इस सूची के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. स्थापना शाखा में गहमा-गहमी का माहौल रहा. नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक कई पुलिसकर्मियों ने पूरी प्रक्रिया में अनियमितता और भेदभाव का आरोप लगाया है. कुछ प्रधान आरक्षकों ने विरोध जताने के लिए इस्तीफा दे दिया है.
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104 पुलिसकर्मी बने ASI
इस पदोन्नति लिस्ट को लेकर पुलिसकर्मियों में रोष है. उनका कहना है कि पांच साल तक उनसे प्रभारी पद का काम कराया. अब उन्हें डिमोट कर दिया गया है, ये सही नहीं है. वहीं, कुछ ने कोर्ट जाने की बात भी कही है. पुलिस विभाग की ओर से कहा गया है कि पांच साल की रेटिंग और तीन स्तर पर जांच होने के बाद सूची जारी की गई है. जारी लिस्ट के मुताबिक 104 पुलिसकर्मी को प्रधान आरक्षक से ASI बनाया गया है.
