Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर महाकालेश्वर मंदिर में 25 मिनट में होंगे दर्शन, कुबेरेश्वर धाम में इस साल नहीं बंटेंगे रुद्राक्ष

Maha Shivratri 2026: महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर लगभग 10 लाख भक्तों के आने की उम्मीद जताई गई है. सुरक्षा और निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है. इसके साथ ही किसी प्रकार की अव्यवस्था ना फैले इसके लिए कई तरह के उपाय किए गए हैं
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महाशिवरात्रि 2026

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि को लेकर मध्य प्रदेश के अलग-अलग शिवालयों में जोर-शोर से तैयारियां जारी हैं. शिव मंदिरों में विभिन्न आयोजन किए जाएंगे. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, खंडवा स्थित ओंकारेश्वर मंदिर, भोजपुर के भोजेश्वर महादेव मंदिर, सीहोर के कुबेरेश्वर धाम, ग्वालियर में स्थित अचलेश्वर मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं.

वीआईपी टिकट पर 25 मिनट में दर्शन

महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर लगभग 10 लाख भक्तों के आने की उम्मीद जताई गई है. सुरक्षा और निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है. इसके साथ ही किसी प्रकार की अव्यवस्था ना फैले इसके लिए कई तरह के उपाय किए गए हैं. जहां सामान्य श्रद्धालुओं को मात्र 40 मिनट में दर्शन कराने का प्रावधान किया गया है. वहीं, 250 रुपये की वीआईपी टिकट खरीदकर दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों को थोड़ी और राहत रहेगी. वीआईपी टिकट वाले श्रद्धालुओं को 25 मिनट में बाबा महाकाल के दर्शन मिलेंगे.

बाबा महाकाल के 44 घंटे नॉनस्टॉप दर्शन

महाकालेश्वर मंदिर के कपाट शनिवार-रविवार दरमियानी रात करीब 2.30 बजे खुलेंगे. इसके बाद भगवान महाकाल लगातार 44 घंटे तक भक्तों को दर्शन देते रहेंगे. बाबा महाकाल के दर्शन के लिए सामान्य श्रद्धालुओं को नृसिंह घाट से कतार में लगना होगा. रविवार को दिन में भस्म आरती आयोजित की जाएगी.

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कुबेरेश्वर धाम में नहीं बंटेंगे रूद्राक्ष

सीहोर में स्थित कुबेरेश्वर धाम मंदिर में 14 फरवरी से शिवमहापुराण कथा शुरू होने वाली है. लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. ये कथा 20 फरवरी तक चलेगी. सुरक्षा के मद्देनजर 1200 से अधिक जवानों को तैनात किया जाएगा. भोपाल-इंदौर हाईवे के एक हिस्से को डायवर्ट किया गया है. महाशिवरात्रि के मौके पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है. वाहन क्रिसेंट चौराहे से भाऊखेड़ी होते हुए अमलाहा पहुंचेंगे. हर साल महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं को रूद्राक्ष वितरित किए जाते थे, जो इस साल नहीं किए जाएंगे.

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