MP News: एमपी की बसों में पैनिक बटन-VLTD लगाना अनिवार्य, लापरवाही बरतने पर परमिट होगा रद्द

MP News: विभाग का कहना है कि बसों में सिर्फ डिवाइस लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही तरीके से काम करना भी अनिवार्य है. साथ ही इन डिवाइसेस का सर्वर से निरंतर जुड़े रहना भी आवश्यक है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए कंट्रोल रूम, तकनीकी स्टाफ और 24/7 मॉनिटरिंग सिस्टम की आवश्यकता होगी, लेकिन अभी तक ये पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं.
Panic Button is compulsory in Buses

बसों में पैनिक बटन लगाना अनिवार्य

MP News: मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने एक अहम फैसला लिया है. बस यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने एक आदेश जारी किया है. विभाग ने प्रदेश के सभी बस संचालकों को अपनी बसों में पैनिक बटन और वीएलटीडी (VLTD) डिवाइसेस लगाने का निर्देश दिया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि ये डिवाइसेस सिर्फ दिखावे के लिए न हों, बल्कि सही तरीके से काम भी करें. यदि इन डिवाइसेस की डेडलाइन का उल्लंघन पाया जाता है या ये काम नहीं करते हैं, तो इसे तकनीकी खामी माना जाएगा. ऐसी स्थिति में बस का फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट दोनों रद्द कर दिए जाएंगे.

लोकेशन न पहुंचने पर होगी कार्रवाई

वहीं परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी बस की लोकेशन विभाग के कमांड सेंटर तक नहीं पहुंचती है, तो इसे भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. ऐसे मामलों में भी बस का परमिट और फिटनेस दोनों रद्द कर दिए जाएंगे. इसके अलावा, विभाग ने आरटीओ (RTO) अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे सप्ताह में कम से कम दो दिन अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं में बसों का इस संबंध में सघन निरीक्षण करें.

कंट्रोल रूम जरूरी

विभाग का कहना है कि बसों में सिर्फ डिवाइस लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही तरीके से काम करना भी अनिवार्य है. साथ ही इन डिवाइसेस का सर्वर से निरंतर जुड़े रहना भी आवश्यक है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए कंट्रोल रूम, तकनीकी स्टाफ और 24/7 मॉनिटरिंग सिस्टम की आवश्यकता होगी, लेकिन अभी तक ये पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं. विभाग के अनुसार, इन व्यवस्थाओं के बिना बसों के पैनिक बटन या VLTD की कार्यप्रणाली को सही तरीके से संचालित करना एक बड़ी चुनौती होगी.

जॉइंट टीमें बनाई जाएंगी

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा मैदानी स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग, पुलिस और कार्यपालक मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) की जॉइंट टीमें बनाई जाएंगी. इन टीमों का मुख्य कार्य बसों की निगरानी और जांच करना होगा. यदि जांच के दौरान बसों में क्षमता से एक्स्ट्रा सीटें या अवैध रूप से बॉडी विस्तार पाया जाता है, तो मोटरयान अधिनियम की धारा 207 के तहत बस को तत्काल जब्त कर लिया जाएगा.

ये भी पढ़ें-CM Kisan Kalyan Yojana: किसानों के खाते में कब आएगी CM किसान कल्‍याण योजना की 14वीं किस्‍त? जानें कैसे चेक करें स्‍टेटस

पैनिक बटन क्या है?

अब आपके मन में यह सवाल भी जरूर आ रहा होगा कि आखिर पैनिक बटन क्या होता है. बता दें कि पैनिक बटन बसों में लगाया जाने वाला एक सुरक्षा बटन है, जिसे यात्री आपातकाल या खतरे की स्थिति में दबा सकते हैं. जब इस बटन को दबाया जाता है, तो तुरंत पुलिस, सुरक्षाकर्मियों या परिवार के सदस्यों को मदद के लिए सूचना मिल जाती है. पैनिक बटन आमतौर पर सार्वजनिक स्थानों और वाहनों, जैसे -टैक्सी या बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाया जाता है.

ज़रूर पढ़ें