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प्राइवेट स्कूलों और बुक सेलर्स को MP हाई कोर्ट से झटका, HC ने रद्द की याचिका, जानें क्या है पूरा मामला

Jabalpur High Court (File Photo)

जबलपुर हाई कोर्ट(File Photo)

MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने निजी स्कूल संचालकों और बुक सेलर्स की याचिका को रद्द कर दिया है. उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कॉपी किताबों में कमीशनखोरी के सबूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. स्कूलों में बुक सेलर्स से मिलीभगत कर फर्जी ISBN नम्बर वाली डुप्लीकेट किताबें उपलब्ध कराई गई थीं.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, जिला प्रशासन ने जिले के 11 स्कूलों और बुक सेलर्स के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी. आरोप था कि स्कूलों ने मनमानी फीस वृद्धि की है और बुक सेलर्स के साथ सांठ-गांठ करके फर्जी ISBN नंबर वाली किताबें बेची थीं. स्कूल के संचालकों, प्रिंसिपल और बुक सेलर्स ने इस हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इसी मामले पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है. अदालत ने याचिका रद्द करते फटकार भी लगाई है.

‘जल्द से जल्द मामले की जांच करें’

उच्च न्यायालय ने जिला पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया है कि वे जल्द से जल्द मामले की जांच पूरी करें. इसके साथ ट्रायल कोर्ट को भी निर्देश दिए कि इस मामले में निष्पक्षता से फैसला सुनाए.

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राहत देने से जांच प्रभावित होगी

कोर्ट ने पहले भी इस मामले को गंभीरता से लिया था. निजी पुस्तक प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तकों में फर्जी ISBN नंबर लगाए गए और स्कूल मैनेजमेंट ने स्टूडेंट्स के अभिभावकों को बिना तथ्य उजागर किए बेचा. कोर्ट ने इसे अपराध की श्रेणी में बताया था. दो साल पहले कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा था कि जांच की जा रही है. प्रबंधकों और प्रिंसिपल्स को राहत नहीं दी जा सकती है. इससे जांच प्रभावित हो सकती है.

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