Rajgarh: फर्जी पुलिसवाला बनकर बेरोजगारों से ठगे लाखों रुपये, नगर पालिका में नौकरी लगवाने का करता था वादा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
राजगढ़ में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार
Rajgarh: किसी भी बेरोजगार के लिए सबसे पहला लक्ष्य होता है, नौकरी पाना. इससे केवल उस बेरोजगार का जीवन ही नहीं बल्कि उसका परिवार भी संपन्न हो जाता है. जब इन्हीं बेरोजगारों के साथ नौकरी के नाम पर धोखा हो जाए तो इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता है. ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ से सामने आया है. जहां एक फर्जी पुलिस वाले ने नौकरी के नाम पर कई बेरोजगारों को ठगा. राजगढ़ पुलिस ने आरोपी ब्रज मीना को गिरफ्तार कर लिया है.
नगर पालिका में नौकरी के नाम पर ठगी
राजगढ़ जिले के ब्यावरा पुलिस थाना के एक व्यक्ति ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर बेरोजगार युवाओं को ठगा. इसका नाम ब्रज मीना है. इस पर आरोप है कि नगर पालिका में नौकरी का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये ठग लेता था. आरोपी के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं. जिसमें वह नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लेते हुए नजर आ रहा है. अब तक की जांच में पता चला है कि ब्रज मीना ने कम से कम 4 लोगों से लाखों रुपए की ठगी की है.
कैसे करता था ठगी?
ब्रज मीना खुद को पुलिसकर्मी बताकर बेरोजगार युवाओं से मिलता और उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था. वह पुलिस की वर्दी पहनकर आत्मविश्वास के साथ बात करता, जिससे लोग उसकी बातों में आ जाते थे.
ब्यावरा सिटी थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि सिंदुरिया गांव के रहने वाले फरियादी पप्पू यादव और उनके रिश्तेदार मनोज यादव ने 3 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में था कि ब्रज मीना, निवासी पड़िया गांव, उनसे पुलिसकर्मी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपये ठग चुका था. शिकायत मिलने पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
4 बेरोजगार युवाओं के साथ फर्जीवाड़ा
जैसे ही पुलिस ने ब्रज मीना को गिरफ्तार किया, उसकी ठगी के और मामले सामने आए हैं. अनिल मीना और दीपक यादव नाम के दो अन्य युवकों ने भी पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. आरोपी ने उनसे भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.80 लाख की ठगी की. पुलिस ने इन शिकायतों के आधार पर ब्रज मीना के खिलाफ धोखाधड़ी और शासकीय अधिकारी की वेशभूषा धारण करने जैसी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए हैं. ऐसे कुल 4 मामले सामने आए हैं.
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पहले नगर सुरक्षा समिति का सदस्य
जांच में यह भी सामने आया कि ब्रज मीना पुलिसकर्मी नहीं है. वह ब्यावरा के देहात थाने के अंतर्गत पहले नगर सुरक्षा समिति का सदस्य था. लेकिन तीन-चार साल पहले ही उसे हटा दिया गया था. इसके बावजूद वह लोगों को यही बताता रहा कि वह पुलिस में कार्यरत है. सरकारी कार्यालयों में नौकरी दिलाने की क्षमता रखता है.
आरोपी से की जा रही है पूछताछ
आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे आगे की पूछताछ जारी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने और कितने लोगों को इसी तरह ठगा है. यदि और शिकायतें मिलती हैं तो उन पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.