MP News: रीवा यूनिवर्सिटी में होगी नर्सिंग-पैरामेडिकल की पढ़ाई, 13 सदस्‍यीय टीम ने किया फीस का निर्धारण

MP News: मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से पृथक करने के बाद शासन ने प्रदेश के क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों को इन पाठ्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी फिर से सौंपी है.
Nursing and paramedical courses will be offered at Awadhesh Pratap Singh University, Rewa.

अवधेश प्रताप सिंह विश्‍वविद्यालय रीवा में होगी नर्सिंग पैरामेडिकल की पढ़ाई

MP News: नर्सिंग-पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से पृथक करने के बाद शासन ने प्रदेश के क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों को इन पाठ्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी फिर से सौंपी है. इसका मतलब है कि एक बार फिर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में नर्सिंग-पैरामेडिकल सहित क्षेत्रीय पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी.

बता दें कि पाठ्यक्रमों के नए सिरे से संचालन और परीक्षाओं के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी. 13 सदस्यीय टीम ने शुल्क का निर्धारण कर दिया है. कुलगुरु की स्वीकृति के बाद इसे अंगीकृत कर लिया जाएगा. वहीं इससे संबंधित ऑर्डिनेंस को उच्च शिक्षा विभाग को भेज दिया गया है, जिस पर राजभवन की मुहर लगना शेष है.

राजभवन की अनुमति के बाद होंगे पाठ्यक्रमों शुरू

राजभवन की अनुमति के बाद सत्र 2025-26 से नर्सिंग-पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को एपीएस सहित क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा शुरू किया जाएगा, हालांकि यह कार्य बीते वर्ष 2025 में ही हो जाना था. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने शेड्यूल भी जारी किया था, लेकिन आगे कुछ हो नहीं सका. इधर मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी ने सत्र 2024-25 के लिए सभी नर्सिंग और ज्यादातर पैरामेडिकल कॉलेजों को संबद्धता प्रदान कर दी है.

2011 में एमपीएमएसयू से हुआ संचालन

जानकारी के अनुसार अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में 11 वर्ष बाद फिर से नर्सिंग-पैरामेडिकल की पढ़ाई शुरू होगी. इसके पूर्व सत्र 2013-14 तक नर्सिंग-पैरामेडिकल कोर्स एपीएसयू द्वारा ही संचालित किए जाते थे, लेकिन वर्ष 2011 में मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना के साथ ही कुछ वर्षों के अंतराल में इन पाठ्यक्रमों का संचालन एमपीएमएसयू से किया जाने लगा.

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

जानकारी के अनुसार खास बात यह है कि संबद्धता और प्रवेश से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी. नर्सिंग कॉलेजों के विवादों में पड़ने और कई अनियमितताओं के सामने आने के चलते इस बार यह बड़ा बदलाव लागू किया गया है. आदेश में कहा गया है कि पूरी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ की जाए.

इन कोर्सेस पर पड़ेगा असर

नर्सिंग कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग. पैरामेडिकल कॉलेजों में बीपीटी, बीओटी, बीएमएलटी, डीएमएलटी और अन्य पाठ्यक्रम शामिल हैं. हालांकि बताया गया है कि विश्वविद्यालय ने शुल्क निर्धारण विवि में संचालित अन्य पाठ्यक्रमों की तरह सामान्य ही किया है, जिससे छात्रों को वित्तीय समस्या न हो और वे आसानी से पढ़ाई कर सकें.

1 नवंबर 2025 से शुरू होनी थीं कक्षाएं

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक एपीएसयू से संबद्ध नर्सिंग-पैरामेडिकल कॉलेजों में सत्र 2025-26 के लिए 1 नवंबर 2025 से नियमित कक्षाएं शुरू होनी थीं. इसके पूर्व एपीएसयू को सितंबर से 15 अक्टूबर 2025 के बीच नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को संबद्धता देनी थी और प्रवेश के लिए काउंसलिंग अगस्त से 15 अक्टूबर 2025 के बीच पूरी होनी थी, हालांकि कई औपचारिकताएं पूरी न होने और कुछ बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी के अभाव में यह संभव नहीं हो सका.

उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के बाद एपीएसयू द्वारा नर्सिंग-पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए शुल्क निर्धारण किया गया है. इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी. जल्द ही पूरी कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी.

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