MP News: इंदौर में कॉल गर्ल सप्लाई करने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, छात्रों से कई बार खाते में ट्रांजैक्शन करवाए

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र इंदौर के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने इंटरनेट पर स्कॉर्ट सर्विस से जुड़े विज्ञापन देखे थे, जिसमें मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करने का विकल्प दिया गया था.
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सांकेतिक तस्वीर.

MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में ऑनलाइन ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, यहां स्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों से ठगी की गई. आरोप है कि आरोपियों ने खुद को “इंदौर स्कॉर्ट सर्विस” से जुड़ा बताकर छात्रों को झांसे में लिया और कॉल गर्ल उपलब्ध कराने का लालच देकर उनसे बार-बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाए. जब दस से अधिक बार पैसे ट्रांसफर करने के बाद भी न तो कोई सर्विस मिली और न ही आरोपियों से संपर्क हो पाया, तब छात्रों को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ.

छात्रों ने इंटरनेट पर विज्ञापन देखा था

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र इंदौर के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने इंटरनेट पर स्कॉर्ट सर्विस से जुड़े विज्ञापन देखे थे, जिसमें मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करने का विकल्प दिया गया था. संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को सर्विस प्रोवाइडर बताया और अलग-अलग चार्ज के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी अमाउंट, टैक्स और अन्य खर्चों का हवाला देकर लगातार पैसे ट्रांसफर करवाता रहा. छात्रों का कहना है कि हर ट्रांजैक्शन के बाद उन्हें भरोसा दिलाया जाता था कि जल्द ही कार्ल गर्ल भेज दी जाएगी, लेकिन कुछ ही देर बाद नया बहाना बनाकर फिर से पैसों की मांग की जाती थी.

कॉल उठाना बंद करने के बाद छात्रों को ठगी का एहसास

जब छात्रों ने ज्यादा सवाल करने शुरू किए तो आरोपियों ने कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया. इसके बाद छात्रों को ठगी का शक हुआ और उन्होंने आपस में बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई. ठगी का एहसास होने के बाद छात्रों ने संबंधित थाने में पहुंचकर पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने छात्रों की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है. क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि जिन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के जरिए ट्रांजैक्शन किए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है. साथ ही साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस ने आम लोगों, खासकर युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे ऑनलाइन विज्ञापनों और सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली ऐसी सेवाओं से सावधान रहें. किसी भी तरह की ऑनलाइन सर्विस लेने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें और अनजान लोगों को बिना पुष्टि के पैसे ट्रांसफर ना करें. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

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