‘साहब अभी हम जिंदा हैं, क्यों मार दिया?’, छतरपुर में पंचायत सचिव ने 3 लोगों को कागजों पर ‘मृत’ दिखाया, लापरवाही पर सस्पेंड
छतरपुर में तीन जिंदा लोगों को मृत दिखाने पर बुजुर्गों की पेंशन रुकी.
MP News: छतरपुर में तीन लोगों को कागजों पर मृत दिखाने पर पंचायत सचिव पर कार्रवाई की गई है. मामले में लापरवाही करने पर जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. पाड़ितों की तरफ से ग्राम पंचायत के सचिव के खिलाफ शिकायत की थी. पीड़ितों ने बताया था कि उनका मृत्यु प्रमाण पत्र गलत तरीके से जारी कर दिया गया है.
पेंशन रूकी तो बोले- साबह हम जिंदा हैं, क्यों मार दिया?
जिंदगी की सांसें चल रही थीं, लेकिन कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया. जो सिस्टम आम जनता को सहारा देने के लिए बनाया गया था, उसने ने बेहसहारा कर दिया. छतरपुर जिले से एक सनसनी खेज मामला सामने आया है. पूरा मामला गौरिहार विकासखंड की ग्राम पंचायत चंद्रपुरा का है. यहां ग्राम पंचायत सचिव की लापरवाही तीन बुजुर्गों को भारी पड़ गई. पंचायत सचिव अमर सिंह ने तीन जिंदा लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद उनका राशन और पेंशन रुक गई.
जब पेंशन रुकी तो पीड़ित रामबाई रैकवार, गिरजा विश्वकर्मा और कल्लू अहिरवार परेशान हो गए और 17 अप्रैल को आला अधिकारियों से इसकी शिकायत की. बुजुर्गों ने बताया कि साहब हम लोग तो जिंदा हैं, हमको क्यों मार दिया. हमारी पेंशन रुक गई है. जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले में जांच के आदेश दिए.
महज गलती या फिर चुनावी रंजिश?
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि कम्प्यूटर सिस्टम सही से ना चलाने की जानकारी होने के कारण गलती की संभावना है. हाालंकि कुछ लोगों जिंदा लोगों को मृत दिखाने के पीछे इसे चुनावी रंजिश से जोड़कर देख रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन लोगों को कागजों को मृत दिखाया गया है, इन्होंने चुनाव के दौरान सरपंच के खिलाफ काम किए थे. जिससे संभावना है कि सरपंच ने बदले की भावना में पंचायत सचिव से मिलकर तीनों के नाम कटवा दिए. फिलहाल जांच के बाद जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया ने सचिव अमर सिंह को सस्पेंड कर दिया है.
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