MP News: बिजली कंपनी के दफ्तरों में लगा क्यूआर कोड, स्कैन करके उपभोक्ता अधिकारियों- कर्मचारियों का फीडबैक दे सकते हैं
सांकेतिक तस्वीर.
MP News: मध्य प्रदेश के आम उपभोक्ताओं को अक्सर बिजली दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारियों की नाराजगी झेलनी पड़ती है. समस्याओं का समाधान ना होना उपभोक्ता की सबसे बड़ी समस्या है, इसीलिए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से ही अब कंपनी के अधिकारी और कर्मचारियों की कुंडली बनवाना शुरू कर दिया है. इसके लिए बिजली कंपनियों के दफ्तरों में एक क्यूआर कोड लगाया गया है. जिसे स्कैन करने के बाद एक आम उपभोक्ता किसी भी अधिकारी कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यशाली का फीडबैक दे सकता है.
उपभोक्ताओं के समाधान के लिए क्यूआर फीडबैक प्रणाली
बिजली कार्यालयों में किसी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता को काफी चक्कर काटने पड़ते हैं और अधिकारियों, कर्मचारियों से मान-मनौव्वल करनी पड़ती है. अक्सर आम उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि उनकी छोटी-छोटी शिकायतों को लेकर कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी बेवजह कार्य लटका देते हैं या समस्या के समाधान में अनुचित देरी की जाती है. इन्हीं परेशानियों को देखते हुए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने क्यूआर फीडबैक प्रणाली लागू की है. जिसमें उपभोक्ता ही अधिकारियों और कर्मचारियों की कुंडली तैयार करेंगे. उपभोक्ता के फीडबैक पर सीजीएम स्तर के नोडल अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई करेंगे. इस योजना का मकसद बिना वजह का प्रेशर बनाना या सजा देना नहीं, बल्कि कार्यप्रणाली में सुधार करने का प्रयास है.
1 से 2 मिनट में उपभोक्ता अपना अनुभव साझा करेंगे
क्यूआर फीडबैक प्रणाली के अंतर्गत कंपनी के सभी कार्यालयों जैसे वितरण केन्द्र, सब स्टेशन, उप संभाग, संभाग, लेखा कार्यालय, वृत्त कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, कॉर्पोरेट कार्यालय के परिसर में उपभोक्ताओं के सुलभ स्थान जैसे मेन गेट, सूचना पटल, कॉरिडोर, उपभोक्ता काउंटर एवं अधिकारियों-कर्मचारियों के कैबिन के बाहर क्यूआर कोड का स्टीकर चस्पा किया जाएगा. क्यूआर कोड को स्कैन करके उपभोक्ता मात्र 1 से 2 मिनट में अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार, उनकी कार्य प्रणाली और कार्यालयीन स्वच्छता के बारे में अपने अनुभव और सुझाव सीधे प्रबंधन तक पहुंचा सकेंगे.
बार-बार शिकायत आने पर होगी कार्रवाई
क्यूआर फीडबैक प्रणाली के माध्यम से मिलने वाले सुझावों और शिकायतों की समीक्षा के लिए मुख्य महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है. प्रारंभिक स्तर पर इस प्रणाली के माध्यम से आने वाली शिकायतों की समीक्षा का व्यवस्था में सुधार लाने का प्रयास करेंगे. अगर किसी अधिकारी या कार्मिक की शिकायत बार-बार आ रही है या कोई गंभीर शिकायत हो तो उस पर प्रबंधन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा.
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