‘अन्याय उनके साथ नहीं हुआ है…’, अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मिले नोटिस पर रामभद्राचार्य बोले- वे जगतगुरु भी नहीं हैं
रामभद्राचार्य महाराज और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
MP News: जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज बुधवार को ग्वालियर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा खुद के साथ हुई घटना को अन्याय बताने पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने खुद अन्याय किया है. नियमों का पालन करना चाहिए. गंगा तक रथ में नहीं जाया जाता. वहीं उन्होंने दिग्विजय सिंह के हिन्दू-फारसी वाले बयान को उनकी अज्ञानता बताया.
रामभद्राचार्य महाराज का क्या है पूरा बयान?
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की घटना पर जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है. असल में अन्याय उन्होंने किया है. नियम यह होता है मैं तो जगतगुरु हूं, वह तो अभी जगतगुरु भी नहीं हैं. नियम यह है कि गंगा तक रथ से नहीं जाया जाता है. जब पुलिस ने उन्हें रोका था, आप आगे मत जाइए तो रुकना चाहिए था.
उन्होंने आगे कहा कि हम लोग स्वयं संगम में पैदल जाते हैं. अन्याय उन्होंने किया था. सरकार द्वारा दिए गए नोटिस को भी उन्होंने सही बताया है. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने वाले बयान को रामभद्राचार्य ने सही बताया.
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‘दिग्विजय सिंह को शास्त्र में कुछ भी नहीं आता’
- वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि हिंदू शब्द फारसी से आया है. भारत में कोई हिंदू नहीं है.
- इस सवाल पर जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा मैं स्पष्ट कहूं तो दिग्विजय सिंह को शास्त्र में कुछ भी नहीं आता है. मैं जेमिनी सभ्यता का उदाहरण दे रहा हूं , कुछ पुराने तंत्र शास्त्र हैं. उनमें भी हिंदू को परिभाषित किया गया है.
- रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि जिन्हें श्लोकों के जरिए बताया गया है. उनको कुछ ज्ञात ही नहीं है, उन पर अब क्या ही कहा जा सकता है.