महाकुंभ जाने के लिए ट्रैवल एजेंसियों की अवैध वसूली!, श्रद्धालुओं से 150 किमी के लिए वसूल रहे 10 हजार रुपये तक किराया

Rewa News: ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि भीड़ ज्यादा होने के कारण जो वाहन भेजे जाते हैं, वह महाकुंभ में फंस जाते हैं. उनको वापस वहां से आने में 2 से 3 दिन लग जाते हैं
Travel agencies are charging more money to go to Maha Kumbh

महाकुंभ जाने के लिए ट्रैवल एजेंसियां वसूल रहीं ज्यादा पैसे!

Rewa News: प्रयागराज महाकुंभ में देश और विदेश से श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं. कोई ट्रेन से आ रहा है तो कोई प्लेन से. कोई सड़क मार्ग से आ रहा है, तो कोई साइकिल से ही पहुंच रहा है. सभी जल्द से जल्द पहुंचना चाहते हैं. जिनके पास कोई साधन नहीं है वे ट्रैवल एजेंसी से गाड़ी बुक करके महाकुंभ पहुंच रहे हैं. लेकिन इसके लिए श्रद्धालुओं को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है.

तय रेट से ज्यादा वसूल रहीं ट्रैवल एजेंसियां

प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज पहुंच रहे हैं. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अब महंगाई की मार भी झेलनी पड़ रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि नेशनल हाईवे के किनारे संचालित होने वाली दुकानों और ढाबों ने अपने दाम तो बढ़ा ही दिए हैं.

इसके साथ में जिन वाहनों से श्रद्धालु महाकुंभ पहुंच रहे हैं, उन वाहनों के दाम भी बढ़ गए हैं. दरअसल ट्रैवल एजेंसियों ने अपने रेट में बढ़ोतरी कर दी है. श्रद्धालुओं का कहना है कि पहले उनको 13 से 14 रुपये प्रति किलोमीटर वाहनों को देना होता था. लेकिन महाकुंभ में भीड़ के चलते ट्रैवल एजेंसियों ने यह रेट 18 से 20 रुपये प्रति किमी कर दिया है. यहां तक की 25 रुपये प्रति किमी तक ट्रैवल एजेंसी चार्ज कर रही हैं, जिसके कारण श्रद्धालुओं को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

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दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों का भी यही हाल

यह रेट ना केवल मध्य प्रदेश में बड़े बल्कि अन्य प्रदेशों में भी दाम बढ़ गए हैं. जिसके कारण तेलंगाना, महाराष्ट्र से महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं को 50 हजार से 60 हजार रुपये ट्रैवल एजेंसियों को देने होते हैं.

150 किमी के लिए वसूल रहे 10 हजार रुपये

ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि भीड़ ज्यादा होने के कारण जो वाहन भेजे जाते हैं, वह महाकुंभ में फंस जाते हैं. उनको वापस वहां से आने में 2 से 3 दिन लग जाते हैं. जिसके कारण नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए रेट बढ़ाना मजबूरी हो गया. इसके साथ ही जाम के कारण भी ज्यादा खर्च होता है. गाड़ी का नुकसान ज्यादा होता है, इसलिए रेट बढ़ गए हैं. मध्य प्रदेश के रीवा में जहां चार से पांच हजार देने होते थे. प्रयागराज के लिए तो वहीं अब 6 से 10 हजार रुपए लिए जा रहे हैं.

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