MP News: हृदय रोग के मामले में कीर्तिमान रच रहा रीवा का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, BMV प्रक्रिया से बचाई मरीजों की जान

ओपन हार्ट सर्जरी का विकल्प जोखिमपूर्ण होने के कारण टीम ने बैलून मिट्रल वाल्वुलोप्लास्टी (BMV) का निर्णय लिया. हाई रिस्क कंसेंट लेकर डॉ. एस.के. त्रिपाठी और डॉ. सुरेंद्र तिवारी ने यह प्रक्रिया अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न की.
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MP News: विंध्य क्षेत्र की जीवनदायनी बन चुका रीवा का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल लगातार हृदय रोगों के जटिलतम प्रोसीजर में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. हाल ही में कार्डियोलॉजी विभाग की टीम ने दो अत्यंत चुनौतीपूर्ण मामलों में सफल बैलून मिट्रल वाल्वुलोप्लास्टी (BMV) प्रक्रिया करके मरीजों की जीवन रक्षा की है, जो विंध्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है.

गर्भवती महिला की जान बचाई

पहला मामला, जिसमें एक गर्भवती महिला की जान बचाई गई. 32 वर्षीय एक गर्भवती महिला डॉ. एस.के. त्रिपाठी के पास आईं, जिन्हें न्यूनतम शारीरिक गतिविधि में भी सांस फूल रही थी और लेटने पर भी सोना मुश्किल हो रहा था. इकोकार्डियोग्राफी से पता चला कि मरीज का मिट्रल वाल्व पूरी तरह सिकुड़ चुका था. गर्भावस्था जारी रखने में मरीज के जीवन को गंभीर खतरा था. महिला की पिछली दो प्रेग्नेंसी पहले ही असफल हो चुकी थीं, इसलिए यह गर्भावस्था उनके लिए अत्यंत बहुमूल्य थी.

ओपन हार्ट सर्जरी का विकल्प जोखिमपूर्ण होने के कारण टीम ने बैलून मिट्रल वाल्वुलोप्लास्टी (BMV) का निर्णय लिया. हाई रिस्क कंसेंट लेकर डॉ. एस.के. त्रिपाठी और डॉ. सुरेंद्र तिवारी ने यह प्रक्रिया अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न की. अब महिला पूर्ण रूप से स्वस्थ है और अपनी गर्भावस्था सुरक्षित रूप से जारी रख पाएगी. यह रीवा में इस प्रकार का पहला मामला है.

एक अन्य महिला, जिन्हें बचपन में पोलियोमाइलाइटिस की बीमारी के कारण एक पैर पतला और कमजोर हो गया था. इस शारीरिक चुनौती के कारण प्रक्रिया और अधिक जटिल थी. फिर भी डॉ. सुरेंद्र तिवारी, डॉ. वी.डी. त्रिपाठी और डॉ. एस.के. त्रिपाठी की टीम ने चुनौती स्वीकार की और BMV सफलतापूर्वक पूरी की. मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैंय

कॉर्डियोलॉजी टीम को बधाई दी

ये दोनों प्रक्रियाएं बिना प्रशिक्षित कार्डियक कैथ लैब टीम के असंभव होतीं. टीम में कैथ लैब तकनीशियन जय नारायण मिश्रा, सत्यम शर्मा, मनीष तिवारी, सुमन साहू, सुधांशु तिवारी, विजय, सोनाली, निकित तथा नर्सिंग स्टाफ मनीषा, शांति, सतेंद्र, किशोर, निधी, प्रीती, ललिता ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.

इस सफलताओं पर डीन डॉ. सुनील अग्रवाल और अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव ने पूरी कार्डियोलॉजी टीम को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि रीवा का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल अब जटिलतम हृदय प्रक्रियाओं में क्षेत्रीय स्तर पर अग्रणी बन चुका है, जिससे विंध्य क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों की यात्रा से मुक्ति मिल रही है. सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा लगातार NABH एक्रेडिटेड सुविधाओं, आधुनिक कैथ लैब और समर्पित टीम के बल पर स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है. यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा क्षेत्र की जीत है, बल्कि आम जनता के लिए आशा की किरण भी है.

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