एक बार फिर से खतरे के निशान की ओर मंदाकिनी, चित्रकूट के घाट डूबे, एमपी-यूपी बॉर्डर पर अलर्ट

Chitrakoot: शुक्रवार रात को हुई जोरदार बारिश ने चित्रकूट वालों कि टेंशन फिर से बढ़ा दी है. मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है. प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड पर है.
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मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर

Mandakini River: चित्रकूट में शुक्रवार को हुई बारिश ने एक बार फिर से खतरे की घंटे की बजा दी है. अगस्त में लगातार हुई बारिश के कारण जो तबाही हुई उससे लोग उभर नहीं पाए थे कि एक बार फिर से मंदाकिनी नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ने लगता है. शुक्रवार पूरी रात हुई बारिश के कारण शनिवार सुबह तक रामघाट समेत कई घाटों की सीढ़ियां डूब चुका थी.

अलर्ट मोड पर प्रशासन

नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यूपी-एमपी दोनों ही राज्यों का प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में है. प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग लगा दी हैं, वहीं श्रद्धालुओं और आम लोगों के नदी के पास और निचले इलाकों में जाने से रोका गया है. घाट किनारे वाले दुकानदारों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

सुरक्षित जगह पर सामान शिफ्ट करने की सलाह

साथ ही बढ़ते जल स्तर को देखने हुए उन्हें सामान किसी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करन को भी कहा गया है. प्रशासन नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है. हालांकि राहत की खबर ये है कि फिलहाल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 3 मीटर नीचे है.

चित्रकूट में शुक्रवार शाम को मौसम ने अचानक करवट बदली और करीब 15 मिनट तक हल्की से मध्यम बारिश हुई. इसके बाद रात 11.30 बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जो रातभर रुक-रुककर जारी रही. 24 घंटे में आधा इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली.

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एक्टिव होने के कारण मानसून ट्रफ लाइन छत्तीसगढ़, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश होते हुए राजस्थान तक बनी हुई है. सके प्रभाव से सतना समेत रीवा संभाग में अगले दौर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है.

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