चित्रकूट: सरकारी अस्पताल में नियमों की उड़ी धज्जियां, 9वीं कक्षा का छात्र काट रहा ओपीडी पर्ची
नाबालिग काट रहा पर्ची
Chitrakoot: चित्रकूट जिले से चिकित्सा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार व कर्मचारियों की जगह बाहरी लोगों से काम करवाने का मामला सामने आया है. चित्रकूट के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे वीडियो में ओपीडी काउंटर पर मरीजों की पर्ची काटता हुआ एक नाबालिक बच्चा दिखाई दे रहा है.
नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली घटना
स्वास्थ्य विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली इस घटना कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के मुताबिक मल्टी स्किल कर्मचारी देवदत्त तोमर ने अपने नाबालिग बेटे को खुद की जगह सरकारी काम पर लगाया. रोजाना 200 से 300 मरीजों की भीड़ वाले संवेदनशील काउंटर पर 9वीं के छात्र को बैठाने से अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खडे़ कर दिए हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि…
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि “बीएमओ साहब की शह पर अस्पताल में कुछ भी होना मुमकिन है.” प्रति पर्ची 10 रुपये के शुल्क और मरीज की जानकारियों में मानवीय चूक होने पर जवाबदेही को लेकर हड़कंप भी हड़कंप मचा हुआ है. बता दें कि सरकारी अस्पताल परिसर के भीतर सरेआम नाबालिग से काम कराना बाल श्रम और सरकारी नियमों का उल्लंघन है.
स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय पर कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की है, बच्चों से काम लेना समाधान नहीं है.
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