‘ऐ सानू इधर आओ… ये मार डालेंगे’, चीखती रही प्रसूता, लापरवाही के बाद जच्चा-बच्चा की मौत; चार डॉक्टर सस्पेंड

रीवा के सरकारी अस्पताल से लापरवाही की बहुत बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में डिप्टी ने सीएम ने जांच के आदेश दिए हैं.
kalpna Mishra video

मृतक कल्पना मिश्रा की तस्वीर

रीवा के सरकारी अस्पताल से लापरवाही की बहुत बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक महिला की और उसके बच्चे की मौत हो गई. इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. महिला जैसे ही अस्पताल के अंदर पहुंची और वहां की व्यवस्थाएं देखी तो वह घबरा गई और किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने की जिद करने लगी. महिला का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

महिला का वीडियो वायरल

वायरल हो रहे वीडियो में प्रसूता कहती हुई नजर आ रही है कि मुझे बचा लों नहीं तो ये लोग मार डालेंगे. इस घटना के बाद परिजनों ने शासकीय गांधी स्मारक चिकित्सालय (GMH) के मुख्य गेट पर बैठकर जमकर हंगामा किया. मामले में कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन ने दो चिकित्सकों और दो नर्सिंग आफिसरों को निलंबित कर दिया है और जांच कमेटी का भी गठन किया गया है.

लापरवाही का लगाया आरोप

मामले में परिजनों ने इलाज में लापरवाही, स्टाफ के अभद्र व्यवहार तथा समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों की ओर से एनेस्थीसिया के कथित ओवरडोज का आरोप भी लगाया गया है.

25 अगस्त को डिलीवरी के लिए हुई थीं भर्ती

जानकारी के मुताबिक मनगवां क्षेत्र निवासी कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिए 25 अगस्त को गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान अस्पताल स्टाफ की लापरवाही और कथित तौर पर समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से स्थिति बिगड़ती चली गई. 26 अगस्त की रात महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई. जच्चा-बच्चा की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया. वहीं, गुरुवार सुबह परिजनों का आक्रोश अस्पताल के बाहर दिखाई दिया. बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया.

विधायक भी पहुंचे अस्पताल, घंटों चली बैठक

घटना की जानकारी मिलते ही मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति भी गांधी स्मारक अस्पताल पहुंचे. विधायक ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी बात सुनी और पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच घंटों तक चर्चा चली. परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग रखी.

दो नर्सें निलंबित, जांच कमेटी गठित

लगातार विरोध और परिजनों के आरोपों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दो चिकित्सकों और दो नर्सिंग आफिसरों को निलंबित कर दिया है. प्रबंधन के अनुसार प्रथम दृष्टया इलाज में लापरवाही तथा परिजनों से दुर्व्यवहार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है. मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विभागाध्यक्षों की एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी भी गठित की गई है. कमेटी द्वारा पूरे घटनाक्रम, उपचार प्रक्रिया और संबंधित स्टाफ की भूमिका की जांच की जाएगी.

जांच रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी डॉक्टर, नर्स या अन्य कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल जच्चा-बच्चा की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या इलाज में वास्तव में लापरवाही हुई? क्या एनेस्थीसिया की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप थी? महिला और नवजात को समय पर आवश्यक उपचार मिला या नहीं? इन तमाम सवालों के जवाब अब जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिके हैं.

डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश

वहीं, उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इसे गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं. ड्यूटी चिकित्सक डॉक्टर सोनल अग्रवाल, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा डॉक्टर निधि पांडेय, निश्चेतना विभाग को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. स्वजन की मांग पर मृतका व शिशु का शव परीक्षण संयुक्त टीम ने किया है.

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