Sheopur: नामांतरण की आस में दंडवत यात्रा, सिस्टम से परेशान युवक गर्म सड़क पर लोटते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पर सिस्टम से परेशान एक व्यक्ति ने अनोखे अंदाज में अपनी पीड़ा जाहिर की.
Sheopur protest

सड़क पर लोटते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा युवक

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पर सिस्टम से परेशान एक व्यक्ति ने अनोखे अंदाज में अपनी पीड़ा जाहिर की. नामांतरण नहीं होने से परेशान जगदीश अग्रवाल मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में दंडवत देते हुए पहुंचे. हाथों में आवेदन और दस्तावेज लेकर पहुंचे जगदीश का कहना है कि वह पिछले एक वर्ष से विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनके नामांतरण प्रकरण का निराकरण नहीं हुआ. अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने से आहत होकर उन्होंने दंडवत यात्रा के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया.

अगर नहीं हुआ समाधान तो आत्मदाह करने पर विवश

उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याओं की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर 2 दिन के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आत्मदाह करने पर विवश होंगे. जगदीश प्रसाद अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और पटवारी द्वारा उन्हें लंबे समय से परेशान किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी रानी अग्रवाल के नाम पर वर्ष 2009 में कस्बा श्योपुर स्थित एक भूमि का विधिवत पंजीकृत विक्रय पत्र निष्पादित हुआ था.

15 साल बाद भी नहीं हुआ नामांकन

अब तक 15 बर्षो से अधिक समय बीत चुका है लेकिन इस भूमि का नामांतरण नहीं किया गया. जगदीश प्रसाद अग्रवाल ने बताया है कि भूमि पर कब्जा मिलने और सभी दस्तावेज पूर्ण होने के बावजूद राजस्व न्यायालय में नामांतरण की प्रक्रिया रोक दी गई है. इस कारण से उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि उसी सर्वे नंबर पर अन्य भूमियों के नामांकन कथित तौर पर रिश्वत लेकर किए गए हैं. जबकि उनके मामले में अनावश्यक बधाएं उत्पन्न की जा रही है.

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