MP: 8 साल से लापता शख्स को बनाया गवाह, मंत्री पर है मानसिंह की जमीन कब्जाने और अपहरण के आरोप

कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर लगे अपहरण के आरोपों के मामले में SIT ने अपनी रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में पेश कर दी है.
SIT submitted report in Man singh Patel's kidnapping case.

कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर लगे अपहरण के आरोपों के मामले में SIT ने लापता व्यक्ति को ही गवाह बना दिया.

Kidnapping Case SIT Report: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर लगे अपहरण के आरोपों की जांच करने वाली SIT ने कोर्ट में रिपोर्ट सौंप दी है. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट सीजीएम कोर्ट में पेश की है. इस रिपोर्ट में उस शख्स को गवाह बनाया गया है , जो खुद 8 सालों से लापता है.

जमीन रिकॉर्ड में अनियमितताएं

एसआईटी ने रिपोर्ट में यह भी स्वीकर किया है कि साल 2000 से 2007 तक भूमि रिकॉर्ड में अनियमितताएं मिली हैं. लेकिन अपहरण करने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं.

2016 में मानसिंह हुए थे लापता

सागर के रहने वाले मानसिंह पटेल 22 अगस्त 2016 को अचानक लापता हो गए थे. लापता होने से पहले उन्होंने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर पुश्तैनी जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया था. इसके लिए उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को हलफनामा भी दिया था. शिकायत के बाद जब सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने जांच की तो जमीन पर मंत्री का निर्माण चल रहा था.

मंत्री बोले- गलती से दस्तावेज में एंट्री हो गई

मंत्री राजपूत ने एसआईटी को बताया कि 2011 में गलती से कम्प्यूटर रिकॉर्ड में गलती से उनकी जमीन के दस्तावेज में एंट्री हो गई थी. उन्होंने यह भी बताया कि 3 अक्टूबर 2016 को यानी मानसिंह के लापता होने के बाद उन्होंने नाम हटाने के लिए आवेदन भी दिया था। लेकिन जांच की गई तो 20 मई 2022 को रिपोर्ट में विवादित जमीन पर मंत्री का ही कब्जा मिला.

पड़ोसी ने बताया- मानसिंह की हत्या हो चुकी

जमीन विवाद के मामले में मान सिंह के पड़ोसी विनय मलैया ने एसआईटी के सामने गवाही दी थी. विनय ने आरोप लगाया था कि राजपूत और उसके गुर्गों ने मानसिहं की हत्या कर दी है. साथ अपहरण के मामले को बंद करके हत्या का मामला दर्ज करने की अपील की है.

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